CG Health News: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर, 25 नए डायलिसिस सेंटर होंगे शुरू, CM विष्णुदेव साय ने दिए निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार, आवश्यक दवाइयां, जांच और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ सेवाओं की गुणवत्ता और अंतिम व्यक्ति तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

1,045 स्वास्थ्य संस्थानों में संचालित हैं अटल आरोग्य लैब

समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 1,045 स्वास्थ्य संस्थानों में अटल आरोग्य लैब संचालित हैं। इसके साथ ही डायलिसिस, ट्रॉमा केयर, ब्लड बैंक, आईसीयू और सीटी स्कैन जैसी महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश के 33 स्थानों पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है, जबकि 25 नए डायलिसिस केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। इन सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

जिला अस्पताल से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक मिलें जरूरी सुविधाएं

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मरीजों को सामान्य जांच और उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों का नियमित रखरखाव किया जाए। किसी भी महत्वपूर्ण उपकरण को मरम्मत या रखरखाव के अभाव में लंबे समय तक बंद नहीं रहना चाहिए। इसके लिए समयबद्ध मरम्मत और प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।

भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार होगी स्वास्थ्य विकास योजना

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बढ़ती आबादी और भविष्य की चिकित्सा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों, मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं और उपलब्ध संसाधनों का आकलन किया जाए। इसके आधार पर अस्पतालों के विस्तार, बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की योजना बनाई जाए।

नवगठित जिलों में जरूरी चिकित्सा सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के रिक्त पदों पर भर्ती में तेजी लाने के निर्देश

बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन की उपलब्धता, वित्तीय प्रगति और रिक्त पदों पर भर्ती की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि रिक्त पदों पर भर्ती के प्रयास किए जा रहे हैं तथा सेवा भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया भी चल रही है।

मुख्यमंत्री ने भर्ती संबंधी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक, विशेषज्ञ और स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध होना जरूरी है। इससे मरीजों को समय पर उपचार देने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों की हुई समीक्षा

मुख्यमंत्री ने संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, संचालनालय चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन, संचालनालय आयुष, राष्ट्रीय आयुष मिशन तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अंतर्गत संचालित योजनाओं और आगामी कार्ययोजनाओं की समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने और उनका अधिकतम लाभ मरीजों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ सरकार का जोर स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ दवाइयों, जांच सुविधाओं, चिकित्सा उपकरणों और पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है। 25 नए डायलिसिस केंद्र शुरू करने की पहल से प्रदेश में गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए उपचार सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है।

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