उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण शुरू, मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी
बरेली। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दूसरे चरण में देश के 12 राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है, जिनमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, समावेशी और पारदर्शी बनाना है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से मतदाता सूची और अधिक पारदर्शी बनेगी तथा प्रक्रिया निष्पक्ष होगी। उन्होंने कहा कि इससे जनभागीदारी बढ़ेगी, जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर केवल भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।उत्तर प्रदेश में वर्तमान में लगभग 15.44 करोड़ मतदाता और 1,62,486 मतदेय स्थल हैं। प्रदेश में 75 जिला निर्वाचन अधिकारी, 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 2,042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 1,62,486 बूथ लेवल अधिकारी कार्यरत हैं।राज्य में इससे पहले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण वर्ष 2003 में किया गया था। करीब 22 वर्ष बाद भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इसे पुनः लागू किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में इस प्रक्रिया की शुरुआत 28 अक्टूबर 2025 से हो चुकी है।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक तैयारी, प्रशिक्षण और गणना प्रपत्रों के मुद्रण का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और संकलन करेंगे। 9 दिसंबर 2025 को आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण शुरू, मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारीबरेली। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दूसरे चरण में देश के 12 राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है, जिनमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, समावेशी और पारदर्शी बनाना है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से मतदाता सूची और अधिक पारदर्शी बनेगी तथा प्रक्रिया निष्पक्ष होगी। उन्होंने कहा कि इससे जनभागीदारी बढ़ेगी, जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर केवल भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।उत्तर प्रदेश में वर्तमान में लगभग 15.44 करोड़ मतदाता और 1,62,486 मतदेय स्थल हैं। प्रदेश में 75 जिला निर्वाचन अधिकारी, 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 2,042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 1,62,486 बूथ लेवल अधिकारी कार्यरत हैं।
राज्य में इससे पहले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण वर्ष 2003 में किया गया था। करीब 22 वर्ष बाद भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इसे पुनः लागू किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में इस प्रक्रिया की शुरुआत 28 अक्टूबर 2025 से हो चुकी है।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक तैयारी, प्रशिक्षण और गणना प्रपत्रों के मुद्रण का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और संकलन करेंगे। 9 दिसंबर 2025 को आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
