प्रॉपर्टी लेनदेन में पैन कार्ड की अनिवार्यता पर मिल सकती है राहत, सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने का प्रस्ताव
नई दिल्ली। घर या जमीन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए आयकर विभाग बड़ी राहत देने की तैयारी में है। विभाग द्वारा जारी नए ड्राफ्ट नियमों के तहत संपत्ति की खरीद-बिक्री से जुड़े पैन कार्ड के नियमों में बदलाव का सुझाव दिया गया है। इस प्रस्ताव के अनुसार, अब 20 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति के लेनदेन पर पैन कार्ड की जानकारी देना अनिवार्य नहीं होगा।
वर्तमान नियमों के मुताबिक, 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति के किसी भी सौदे में पैन नंबर देना जरूरी होता है। आयकर विभाग ने अब इस सीमा को दोगुना कर 20 लाख रुपये करने का सुझाव दिया है। यदि इन नियमों को अंतिम रूप दे दिया जाता है, तो कम कीमत की संपत्ति खरीदने वालों के लिए कागजी प्रक्रिया पहले से काफी आसान हो जाएगी। यह बदलाव विशेष रूप से छोटे शहरों और कस्बों के खरीदारों के लिए मददगार साबित होगा, जहां संपत्ति की कीमतें अक्सर इसी दायरे में होती हैं।
ड्राफ्ट नियमों में कुछ अन्य महत्वपूर्ण बदलाव भी प्रस्तावित हैं। इसके तहत उपहार में मिलने वाली संपत्ति या जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट के माध्यम से होने वाले ट्रांसफर को भी पैन अनुपालन के दायरे में लाने का सुझाव दिया गया है, बशर्ते उनकी कीमत निर्धारित सीमा से अधिक हो। जानकारों का कहना है कि संपत्ति की बढ़ती कीमतों को देखते हुए 10 लाख की पुरानी सीमा अब व्यवहारिक नहीं रह गई थी, इसलिए इसे बढ़ाने का निर्णय लिया जा रहा है।
फिलहाल सरकार ने इन नियमों को सुझाव के रूप में साझा किया है। आम जनता और विशेषज्ञों से फीडबैक लेने के बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो नए नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे लेनदेन को सरल बनाना और बड़े सौदों पर पारदर्शी निगरानी रखना है।
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