चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को 1 अप्रैल तक अंतरिम राहत
नई दिल्ली। चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव की अंतरिम जमानत 1 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी है। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि उनके फरार होने की आशंका नहीं है, इसलिए सजा पर निलंबन का अंतरिम आदेश बरकरार रखा गया है।
इससे पहले 5 फरवरी को अदालत के आदेश पर राजपाल यादव को सरेंडर करना पड़ा था। करीब 13 दिन जेल में रहने के बाद उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई थी।
बुधवार को हुई सुनवाई में अभिनेता की ओर से कहा गया कि वे शिकायतकर्ता के साथ हुए समझौते के क्रियान्वयन का विरोध करते हुए इस पर बहस करना चाहते हैं। पक्ष की ओर से दलील दी गई कि वर्ष 2016 में डिक्री के तहत 10 करोड़ 40 लाख रुपये देने की बात कही गई थी। इसके बाद 2018 में 28 करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रस्ताव भी सामने रखा गया था। इस पर अदालत ने उन्हें सलाह दी कि वे ऐसा कोई बयान न दें जो आगे चलकर उनके खिलाफ जा सकता है। मामले में आगे की सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की गई है।
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने कहा कि वे पहले ही 2 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुके हैं। शेष 8 करोड़ रुपये का भुगतान न कर पाने पर उन्हें जेल जाना पड़ा था। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ में कुल 22 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था, लेकिन विवाद 5 करोड़ रुपये को लेकर खड़ा हुआ।
अदालत को यह भी बताया गया कि नियमित जमानत के लिए याचिका दाखिल कर दी गई है। अब तक मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को 4.25 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और 25 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी सौंपा गया है। इस पर अदालत ने कहा कि पर्याप्त राशि जमा कर दी गई है, इसलिए उन्हें दोबारा जेल नहीं भेजा जाएगा।
