खरसिया में सबसे अधिक 607 महिलाओं का पंजीयन, जानें कौन ले सकता है योजना का लाभ और कौन-कौन से दस्तावेज हैं जरूरी
रायगढ़। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत रायगढ़ जिले में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को योजना से जोड़ने का अभियान तेजी से चल रहा है। जिले के विभिन्न विकासखंडों में बड़ी संख्या में महिलाओं का पंजीयन किया गया है। योजना को लेकर गर्भवती और धात्री महिलाओं में उत्साह देखा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खरसिया में सर्वाधिक 607 महिलाओं का पंजीयन किया गया है। इसके बाद रायगढ़ ग्रामीण में 600, धरमजयगढ़ में 528, रायगढ़ शहरी में 500 और पुसौर में 495 महिलाओं को योजना से जोड़ा गया है।
अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं का पंजीयन
जिले में योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में पंजीकृत महिलाओं की संख्या इस प्रकार है—
- खरसिया: 607 महिलाएं
- रायगढ़ ग्रामीण: 600 महिलाएं
- धरमजयगढ़: 528 महिलाएं
- रायगढ़ शहरी: 500 महिलाएं
- पुसौर: 495 महिलाएं
- तमनार: 457 महिलाएं
- कापू: 378 महिलाएं
- घरघोड़ा: 342 महिलाएं
- लैलूंगा: 288 महिलाएं
- मुकडेगा: 237 महिलाएं
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले के माध्यम से पात्र महिलाओं को योजना की जानकारी दी जा रही है। साथ ही पंजीयन कराने और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने में भी महिलाओं की सहायता की जा रही है।
इन महिलाओं को मिल सकता है योजना का लाभ
निर्धारित पात्रता के अनुसार योजना का लाभ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं, 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली महिलाओं और विभिन्न आर्थिक एवं सामाजिक श्रेणियों की पात्र महिलाओं को मिल सकता है।
इनमें शामिल हैं—
- गरीबी रेखा से नीचे राशन कार्ड धारक महिलाएं
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की लाभार्थी
- ई-श्रम कार्ड धारक
- किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिला किसान
- मनरेगा जॉब कार्ड धारक
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशन कार्ड धारक
- 8 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाली महिलाएं
इसके अलावा निर्धारित पात्रता शर्तों के अनुसार गर्भवती एवं धात्री आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका और आशा कार्यकर्ता भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
पंजीयन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी?
योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें मुख्य रूप से—
- आधार कार्ड अथवा आधार संख्या
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
- माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड
- बैंक खाते की जानकारी
- निर्धारित स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज
पात्रता के आधार पर राशन कार्ड, ई-श्रम कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, किसान सम्मान निधि प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र अथवा आय प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज भी आवश्यक हो सकते हैं।
पहली और दूसरी संतान के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया
प्रथम संतान के लिए निर्धारित किस्तों के अनुसार प्रसव पूर्व जांच, बच्चे के जन्म और 14 सप्ताह तक के टीकाकरण से संबंधित जानकारी एवं दस्तावेज की आवश्यकता होती है।
वहीं, द्वितीय संतान बालिका होने की स्थिति में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जन्म और टीकाकरण संबंधी विवरण प्रस्तुत करना आवश्यक है। योजना की प्रक्रिया में लाभार्थी का आधार आधारित भुगतान और चेहरा पहचान सत्यापन भी शामिल है।
18 वर्ष से कम उम्र की हितग्राही और शासकीय कर्मचारी अपात्र
योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र की हितग्राही तथा शासकीय कर्मचारी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं हैं। इसलिए आवेदन या पंजीयन कराने से पहले महिलाओं को अपनी पात्रता की जानकारी लेना जरूरी है।
आंगनबाड़ी केंद्रों से मिल रही योजना की जानकारी
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों और मैदानी अमले के माध्यम से पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तक प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी पहुंचाई जा रही है।
विभाग का प्रयास है कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त कर सके।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता गर्भावस्था के दौरान माताओं को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग करती है। इसके साथ ही यह योजना सुरक्षित मातृत्व, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ाव और मां एवं बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
