जिला जेल से दुष्कर्म का आरोपी फरार, 8 घंटे बाद रेलवे स्टेशन से दबोचा गया, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिला जेल पेंड्रारोड की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। दुष्कर्म के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में बंद एक आरोपी जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया। हालांकि पुलिस और जेल प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को महज 8 घंटे के भीतर रेलवे स्टेशन परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया और दोबारा जेल भेज दिया गया।
सुबह जेल से भागा, शाम तक पहुंचा पुलिस के शिकंजे में
जानकारी के मुताबिक, 10 जून को पेंड्रा थाना क्षेत्र के बचरवार गांव निवासी कुलदीप राठौर उर्फ पटेल को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेजा गया था।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे कैदियों को रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए बैरक से बाहर निकाला गया था। इसी दौरान आरोपी ने मौका देखकर जेल की दीवार फांद दी और फरार हो गया।
घटना की भनक लगते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल गौरेला पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस और जेल स्टाफ ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
रेलवे स्टेशन परिसर से हुआ गिरफ्तार
लगातार तलाश के बाद फरार आरोपी को शाम करीब 4 बजे पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन परिसर से पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे दोबारा न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
आरोपी पर दर्ज हुआ नया मामला
जेल प्रहरी अखिलेश पांडेय की शिकायत पर फरार बंदी कैदी क्रमांक 11726 के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 262 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
थाना प्रभारी शनिप रात्रे ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए नया प्रकरण दर्ज किया गया है और उसे पुनः जेल दाखिल कर दिया गया है।
तीसरी घटना से बढ़ी चिंता
बताया जा रहा है कि जिला जेल से बंदी के फरार होने की यह तीसरी घटना है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जेल प्रशासन सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।
