छत्तीसगढ़ में शहरी विकास का नया अध्याय: 250 करोड़ की पांच बड़ी रिडेवलपमेंट परियोजनाएं शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शहरी विकास और आधुनिक अधोसंरचना निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के विभिन्न शहरों में पांच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा संचालित इन परियोजनाओं का उद्देश्य जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों का पुनर्विकास कर उन्हें आधुनिक और नागरिक-अनुकूल सुविधाओं में परिवर्तित करना है।
राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत विकसित की जा रही इन परियोजनाओं के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। मंडल द्वारा परियोजनाओं की प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (PPR) और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किए जा चुके हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन के लिए पारदर्शी निविदा प्रक्रिया भी अपनाई गई है।
250 करोड़ से अधिक की होंगी परियोजनाएं
मंत्रिपरिषद द्वारा इन परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इनके अंतिम स्वरूप को मंजूरी दी गई। लगभग 19.14 एकड़ क्षेत्र में फैली इन परियोजनाओं का अनुमानित मूल्य 250.30 करोड़ रुपये है।
ये परियोजनाएं निम्न स्थानों पर विकसित की जाएंगी—
बी.टी.आई. रोड, शंकर नगर (रायपुर)
क्लब पारा (महासमुंद)
कैलाश नगर (राजनांदगांव)
कटघोरा (कोरबा)
चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर)
इन सभी परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
रायपुर की परियोजना होगी सबसे खास
राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने और सिंधु भवन के समीप प्रस्तावित रिडेवलपमेंट परियोजना को विशेष महत्व दिया जा रहा है। यह क्षेत्र शहर का प्रमुख शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक और आवासीय केंद्र है। परियोजना के विकसित होने से आधुनिक शहरी अधोसंरचना का विस्तार होगा और सरकारी भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ के होगा विकास
रिडेवलपमेंट मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके लिए सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। परियोजनाओं के लिए शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे न केवल सरकारी संपत्तियों का सर्वोत्तम उपयोग होगा बल्कि राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।
निजी निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर
यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर लेकर आई है। उन्हें शहरों की प्राइम लोकेशन पर स्थित भूमि पर आधुनिक परियोजनाएं विकसित करने का मौका मिलेगा। स्पष्ट नीति, पारदर्शी प्रक्रिया और सरकारी एजेंसी की भागीदारी से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी सरकारी परिसंपत्तियों को आधुनिक अधोसंरचना में बदलकर शहरों की कार्यक्षमता और सौंदर्य दोनों में वृद्धि की जाएगी।
वहीं छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शंकर नगर स्थित परियोजना रायपुर के लिए आदर्श शहरी विकास मॉडल साबित होगी।
इधर आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने भी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं के प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

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