चार्टर्ड अकाउंटेंट केवल टैक्स सलाहकार नहीं, बल्कि व्यवसायों के भरोसेमंद मार्गदर्शक हैं: राज्यपाल रमेन डेका

राष्ट्रीय सीए छात्र सम्मेलन में बोले राज्यपाल, AI के सकारात्मक उपयोग और नैतिक मूल्यों पर दिया जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट केवल खातों और कर संबंधी सलाह देने वाले पेशेवर नहीं हैं, बल्कि वे व्यवसायों को सही दिशा दिखाने वाले भरोसेमंद मार्गदर्शक भी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय की सफलता में लेखांकन की भूमिका रीढ़ की हड्डी की तरह होती है और बदलते समय के साथ इसकी जिम्मेदारियां पहले से कहीं अधिक व्यापक हो गई हैं।

राज्यपाल रविवार को रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सीए छात्र सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) की रायपुर शाखा और सेंट्रल इंडिया चार्टर्ड एकाउंटेंट्स स्टूडेंट्स एसोसिएशन (सिकासा) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से एक हजार से अधिक सीए विद्यार्थियों ने भाग लिया।

कर भुगतान को बढ़ावा देने में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका

राज्यपाल ने कहा कि देश के विकास और सुचारु प्रशासन के लिए कर राजस्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से अपील की कि वे पात्र नागरिकों को कर भुगतान के प्रति जागरूक करें और उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान करें।

उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग कर चुकाना चाहते हैं, लेकिन कई बार जटिल प्रक्रियाएं उनके लिए परेशानी का कारण बन जाती हैं। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर प्रणाली को और अधिक सरल एवं सुगम बनाए जाने की आवश्यकता है।

छोटे उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि भारत में रोजगार सृजन का सबसे बड़ा आधार छोटे व्यवसाय और उद्यमी हैं। इसलिए व्यापार और उद्यमिता को प्रोत्साहन देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लघु एवं मध्यम उद्योग देश की आर्थिक प्रगति और रोजगार निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

AI को बताया अवसर, नहीं खतरा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि तकनीक का उपयोग सकारात्मक और रचनात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि AI मानव मस्तिष्क का विकल्प नहीं बन सकता, बल्कि यह कार्यों को अधिक प्रभावी और बेहतर बनाने का एक शक्तिशाली माध्यम है।

मोबाइल और सोशल मीडिया की लत पर जताई चिंता

युवाओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डिजिटल लत युवाओं की सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।

उन्होंने बताया कि दुनिया के कई देशों में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मोबाइल उपयोग को लेकर विशेष नियम और दिशानिर्देश बनाए गए हैं, ताकि युवाओं का मानसिक और सामाजिक विकास प्रभावित न हो।

विश्वास और ईमानदारी ही सीए की सबसे बड़ी पूंजी

सीए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस पेशे की सबसे बड़ी ताकत विश्वास, गोपनीयता और नैतिकता है। ग्राहक का भरोसा किसी भी चार्टर्ड अकाउंटेंट की ईमानदारी और पेशेवर कार्यशैली पर आधारित होता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सीए बनने के बाद उनके सामने अनेक अवसर होंगे, इसलिए उन्हें पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने करियर में आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करना चाहिए, जो व्यक्तिगत लाभ के बजाय समाजहित के लिए समर्पित हो।

कार्यक्रम के दौरान सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर आईसीएआई बोर्ड ऑफ स्टडीज के अध्यक्ष सीए राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष सीए ज्ञान चंद्र मिश्रा, रायपुर आईसीएआई मैनेजिंग कमेटी की चेयरपर्सन सीए रश्मि वर्मा सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य और बड़ी संख्या में सीए विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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