Mahadev Betting Case: सौरभ चंद्राकर 8 दिन की CBI रिमांड पर, पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाएगी टीम; ED ने भी मांगी 3 दिन की हिरासत
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रायपुर की विशेष CBI अदालत ने उसे आठ दिन की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) रिमांड पर भेज दिया है। अब जांच एजेंसी उससे 12 नवंबर तक पूछताछ करेगी। सुरक्षा कारणों से CBI उसे पूछताछ के लिए दिल्ली ले जा सकती है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में उसकी तीन दिन की हिरासत मांगी है।
अदालत में सुनवाई के दौरान CBI ने सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के लिए कस्टडी की मांग की थी। एजेंसी की ओर से अधिक दिनों की रिमांड मांगी गई, लेकिन अदालत ने आठ दिन की अनुमति दी। पूछताछ के दौरान CCTV निगरानी और वकील से मुलाकात को लेकर भी अदालत ने निर्देश दिए हैं।
बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकीलों ने CBI की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई। बचाव पक्ष का तर्क था कि ओमान से उसका प्रत्यर्पण ED के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में हुआ है और CBI के मामलों में कार्रवाई प्रत्यर्पण की शर्तों के अनुरूप होनी चाहिए।
वहीं, CBI ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि चंद्राकर के खिलाफ एजेंसी के मामलों में आरोपपत्र दाखिल हो चुके हैं और विशेष अदालत की ओर से गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आठ दिन की CBI रिमांड मंजूर की।
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया सौरभ
सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर 1 नवंबर को भारत लाया गया था। इसके बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI को उसे रायपुर की अदालत में पेश करने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी थी। CBI टीम उसे दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची और 4 नवंबर को विशेष अदालत में पेश किया।
महादेव ऐप नेटवर्क में अहम भूमिका का आरोप
CBI के आरोपों के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर ने रवि उप्पल और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर महादेव बुक ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क को बढ़ावा दिया और संचालित किया। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क के माध्यम से अलग-अलग पैनल और शाखाओं के जरिए सट्टेबाजी कराई जाती थी।
एजेंसी के अनुसार, सट्टेबाजी से हासिल रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाकर विदेश भेजा जाता था। मामले में कथित तौर पर हवाला के माध्यम से रकम के लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
ED ने भी मांगी तीन दिन की हिरासत
CBI की कार्रवाई के साथ ही ED भी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच कर रही है। एजेंसी ने सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के लिए तीन दिन की हिरासत मांगी है। अब मामले में CBI और ED की जांच अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ेगी।
सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान कथित सट्टेबाजी नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा सकती है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में सुनवाई के बाद ही होगा।
