CG News: आवेदन करते ही दिव्यांग बिंदे राम को मिली बैटरी चालित ट्राईसाइकिल, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया ने दी तत्काल सहायता

जशपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जरूरतमंदों और दिव्यांगजनों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले के ग्राम गिनाबहार निवासी दिव्यांग बिंदे राम को आवेदन प्रस्तुत करते ही बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। इससे उनके लिए आवागमन और दैनिक कार्य करना आसान होगा।

ट्राईसाइकिल मिलने पर बिंदे राम के चेहरे पर खुशी झलक उठी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उन्हें रोजमर्रा के कामों और कहीं आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी।

दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण होती थी परेशानी

ग्राम गिनाबहार निवासी बिंदे राम, पिता विशेश्वर राम, दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। शारीरिक असमर्थता के कारण उन्हें दैनिक कार्यों और आवागमन के लिए परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन प्रस्तुत किया और बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

आवेदन के बाद तत्काल मिली सहायता

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में बिंदे राम की समस्या को प्राथमिकता से लेते हुए उन्हें तत्काल बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। इससे अब उनके लिए आवागमन करना पहले की तुलना में आसान होगा और दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भरता भी कम हो सकेगी।

यह सहायता उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

जरूरतमंदों के लिए मदद का माध्यम बना कैंप कार्यालय बगिया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की जनसेवा और संवेदनशील प्रशासन की प्रतिबद्धता के अनुरूप मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया जरूरतमंद नागरिकों की समस्याओं के समाधान का माध्यम बन रहा है। यहां नागरिक अपनी आवश्यकताओं और परेशानियों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत करते हैं, जिन पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कर सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।

बिंदे राम को तत्काल ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराया जाना जरूरतमंदों को समय पर सहायता देने का उदाहरण है। इस पहल से उनकी आवागमन संबंधी परेशानियां कम होंगी और वे दैनिक जीवन में अधिक स्वतंत्रता के साथ अपने काम कर सकेंगे।

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