नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने पर CM विष्णुदेव साय का जोर, अमृत मिशन के लंबित काम मिशन मोड में पूरे करने के निर्देश

8 नगरीय निकायों में 800 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होंगे CBG प्लांट, पेयजल आपूर्ति और शहरी विकास कार्यों की हुई समीक्षा

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व एवं कर संकलन बढ़ाने के साथ ही विकास कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों के विद्युत देयकों की भी समीक्षा करते हुए कहा कि बिजली बिलों का नियमित रूप से प्रतिमाह भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में शहरी विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, अमृत मिशन 2.0, पेयजल व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी ली।

कर संकलन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले निकाय होंगे सम्मानित

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उनके स्वयं के राजस्व स्रोतों को बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को कर एवं राजस्व संकलन में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कर संकलन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को प्रोत्साहित करने और सम्मानित करने की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। इससे अन्य निकायों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और शहरी निकाय आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

विद्युत देयकों का हर महीने नियमित भुगतान करने के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों के विद्युत देयकों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी नगरीय निकाय अपने बिजली बिलों का नियमित रूप से प्रतिमाह भुगतान सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय अनुशासन और नियमित भुगतान व्यवस्था से नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत होगी।

अमृत मिशन 2.0 की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री नाराज

अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यों की अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत मिशन के जो कार्य अभी लंबित हैं, उन्हें मिशन मोड में लेकर तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए।

आधुनिक तकनीक से बनें STP, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री श्री साय ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में बेहतर सीवेज प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

800 करोड़ रुपये की लागत से 8 नगरीय निकायों में लगेंगे CBG प्लांट

बैठक में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने भारत सरकार की सतत ईंधन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।

इन प्लांटों का उद्देश्य परिवहन और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्वच्छ एवं सतत ईंधन उपलब्ध कराना है। CBG प्लांटों की स्थापना से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

धरातल पर दिखने चाहिए विकास कार्यों के परिणाम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शहरी विकास से संबंधित सभी योजनाओं के परिणाम स्पष्ट रूप से जमीन पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करने और सभी स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के शहरों को बेहतर सुविधाओं से लैस, स्वच्छ, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाना है।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

About The Author