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रायपुर, 26 फरवरी 2026। अंबिकापुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 40 मोमिनपुरा में पीलिया की आशंका के बीच कराई गई जांच में 47 लोगों में से केवल एक व्यक्ति में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं। वहीं क्षेत्र से लिए गए पानी के 35 सैंपलों में से सिर्फ एक सैंपल में बैक्टीरिया की मात्रा स्वीकार्य सीमा से अधिक मिली है। शेष 34 सैंपल सुरक्षित पाए गए हैं।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि मिशन अमृत-1 के तहत 106 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति योजना लागू की गई है। योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में उसका संचालन एवं संधारण किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत ग्राम सोहगा में इंटेकवेल का निर्माण कर कतकालो में 15 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित किया गया है। इसके अलावा 10 लाख लीटर क्षमता का ग्राउंड लेवल स्टोरेज रिजर्वायर बनाया गया है। चार नई पानी टंकियों का निर्माण तथा लगभग 241 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाकर शहर के सभी 48 वार्डों में जल आपूर्ति की जा रही है।
आयुक्त ने बताया कि निगम क्षेत्र में कुल 32.5 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति की जाती है। पुरानी तकिया आधारित जल प्रदाय व्यवस्था के अंतर्गत पीवीसी और एसीपी पाइपलाइन को बदला गया है। जहां डीआई पाइप क्षतिग्रस्त पाए गए, वहां उन्हें भी बदला गया है। निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
मोमिनपुरा में 40 से 45 पीलिया मरीजों की सूचना मिलने के बाद 23 और 24 फरवरी को प्रभावित क्षेत्र से 35 पानी के सैंपल एकत्र कर शासकीय मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में ई-कोलाई जांच के लिए भेजे गए। केवल एक सैंपल में बैक्टीरिया की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। अतिरिक्त जांच के लिए सैंपल पीएचई की एनएबीएल लैब सूरजपुर और राज्य स्तरीय लैब रायपुर भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट प्रतीक्षित है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 23 फरवरी को शिविर लगाकर 47 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए, जिनमें एक व्यक्ति में पीलिया की पुष्टि हुई। 24 फरवरी को 32 अन्य ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। खटिकपारा में 13 वर्षीय बालक और जनपदपारा में 40 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु पीलिया से होने की खबरों पर स्वास्थ्य विभाग से जानकारी ली गई। विभाग ने स्पष्ट किया कि दोनों की मृत्यु अन्य बीमारियों के कारण हुई है।
नगर निगम द्वारा दो फिल्टर प्लांट के माध्यम से पूरे शहर में 32.5 एमएलडी शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति की जा रही है। जल गुणवत्ता की जांच फिल्टर प्लांट और विभिन्न वार्डों में लगातार की जाती है। प्रभावित क्षेत्र में साफ-सफाई, नाली सफाई और जल नेटवर्क में लीकेज सुधार का कार्य जारी है। वर्तमान में शहर में किसी प्रकार की व्यापक संक्रमण या महामारी की स्थिति नहीं है।
