CG News: बालोद में ‘तेजस्विनी–राजमाता बहादुर कलारिन युवती सम्मेलन’, डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा- नारी शक्ति से ही विकसित होगा भारत
रायपुर, 3 अक्टूबर 2026। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जिला बालोद के तत्वावधान में सी-मार्ट, बालोद में ‘तेजस्विनी–राजमाता बहादुर कलारिन युवती सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य युवतियों में आत्मविश्वास, संस्कार, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वर्णिका शर्मा उपस्थित रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में पद्मश्री शमशाद बेगम, प्राची लालवानी और छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध भरतरी गायिका हेमलता पटेल ने शिरकत की।

युवतियां बनें आत्मनिर्भर और संस्कारवान : डॉ. वर्णिका शर्मा
डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति के सशक्त योगदान के बिना विकसित भारत का निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने युवतियों से शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया है और इस लक्ष्य को हासिल करने में देश की बेटियों और युवतियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत की नारी शक्ति ने विभिन्न क्षेत्रों में अपने सामर्थ्य और नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
डॉ. शर्मा ने युवतियों को राजमाता बहादुर कलारिन और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जैसी प्रेरणादायी महिलाओं के जीवन और संघर्ष से सीख लेने की अपील की।
राजमाता बहादुर कलारिन के साहस को किया याद
सम्मेलन में राजमाता बहादुर कलारिन के व्यक्तित्व और उनके साहस को विशेष रूप से याद किया गया। छत्तीसगढ़ की लोकगाथाओं में उन्हें नारी सम्मान, शौर्य और स्वाभिमान का प्रतीक माना जाता है।
लोकमान्यता के अनुसार बालोद जिले के सोरर-चिरचारी स्थित बहादुर कलारिन की माची उनकी कर्मस्थली रही है। लोककथा में उनके द्वारा नारी सम्मान और न्याय की रक्षा के लिए उठाए गए साहसिक कदमों का उल्लेख मिलता है। उनके वीरता और त्याग को सम्मान देते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘माता बहादुर कलारिन सम्मान’ भी प्रदान किया जाता है।
‘रील और रियल लाइफ में अंतर’ का दिया संदेश
डॉ. वर्णिका शर्मा ने युवतियों से संवाद करते हुए कहा कि रील और रियल लाइफ में अंतर होता है और वास्तविक जीवन के अनुभव व्यक्ति के व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव छोड़ते हैं। उन्होंने युवाओं की भूमिका को देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि युवतियों को केवल सोशल मीडिया की दुनिया तक सीमित न रहकर वास्तविक जीवन में अपनी पहचान और क्षमता विकसित करनी चाहिए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
सम्मेलन के दौरान हॉस्टल की छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। वहीं कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत ‘नंदा जाही रे’ और ‘जियत ले दी ददा पानी’ की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में लोक संस्कृति की छटा बिखेरी।
कार्यक्रम में अभाविप राजनांदगांव विभाग छात्रा प्रमुख पूर्वा समर्थ ने भी युवतियों को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन नगर मंत्री मनीष राणा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन जिला छात्रा प्रमुख ऋषिका बारले ने किया।
इस अवसर पर बी.के. राजयोगिनी सरिता ब्रह्माकुमारी, डॉ. लीना देवी साहू, चंद्रिका साहू, पद्मिनी साहू, लक्ष्मी अशोक, रेणुका गजेंद्र, पूजा जैन सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
