IAF को मिलेंगे 160 SAT-SAAW हथियार, ₹810.79 करोड़ की डील; जानिए क्या है इसकी खासियत
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी से सटीक हमला करने की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में रक्षा मंत्रालय ने बड़ा करार किया है। मंत्रालय ने 160 Satellite Guided Smart Anti-Airfield Weapon (SAT-SAAW) की खरीद के लिए भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के साथ ₹810.79 करोड़ का समझौता किया है।
यह करार Buy Indian-IDDM श्रेणी के तहत किया गया है, जिसमें भारतीय डिजाइन, विकास और घरेलू निर्माण क्षमता को प्राथमिकता दी जाती है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार इन हथियारों की डिलीवरी वित्त वर्ष 2027-28 और 2028-29 के दौरान निर्धारित है।
क्या है SAT-SAAW?
SAT-SAAW एक Air-to-Ground Precision-Guided Glide Bomb है। इसे लड़ाकू विमान से लॉन्च कर जमीन पर मौजूद महत्वपूर्ण लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
इस हथियार की प्रमुख विशेषताओं में इसकी स्टैंड-ऑफ क्षमता शामिल है। इसका अर्थ है कि विमान को लक्ष्य के बिल्कुल नजदीक जाकर हथियार गिराने की आवश्यकता नहीं होती। इसे अपेक्षाकृत दूरी से लॉन्च किया जा सकता है, जिसके बाद हथियार लक्ष्य की दिशा में ग्लाइड करता है।
एयरफील्ड जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों के लिए डिजाइन
हवाई अभियानों में एयरफील्ड महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने होते हैं। इन्हीं स्थानों से लड़ाकू विमान उड़ान भरते हैं और वापस लौटते हैं तथा हवाई अभियानों से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं।
SAT-SAAW को ऐसे महत्वपूर्ण एयरफील्ड लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। स्टैंड-ऑफ क्षमता के कारण यह हथियार विमान को लक्ष्य के बेहद करीब गए बिना हमला करने का विकल्प देता है।
₹810.79 करोड़ का करार और 160 हथियार
रक्षा मंत्रालय और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के बीच हुए करार के तहत भारतीय वायुसेना को कुल 160 SAT-SAAW हथियार प्राप्त होंगे। इनकी आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से वित्त वर्ष 2027-28 और 2028-29 में की जाएगी।
स्वदेशी डिजाइन और निर्माण पर जोर
इस सौदे की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसका स्वदेशी स्वरूप है। SAT-SAAW को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने देश में डिजाइन और विकसित किया है। हथियार में करीब 60 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री होने की जानकारी दी गई है।
यह करार भारतीय रक्षा तकनीक और घरेलू उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किन विमानों से किया जा सकता है इस्तेमाल?
SAT-SAAW को भारतीय वायुसेना के कई विमान प्लेटफॉर्म के साथ इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है। इनमें:
- Jaguar
- Hawk
- Su-30 MKI
शामिल हैं।
वायुसेना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है SAT-SAAW?
SAT-SAAW के शामिल होने से भारतीय वायुसेना की स्टैंड-ऑफ प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि लड़ाकू विमान को लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचे बिना हमला करने का विकल्प मिलता है।
इसके साथ ही भारतीय डिजाइन, DRDO द्वारा विकास और करीब 60 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री इस सौदे को घरेलू रक्षा उत्पादन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बनाती है।
SAT-SAAW की प्रमुख बातें
| विशेषता | जानकारी |
|---|---|
| हथियार | Satellite Guided Smart Anti-Airfield Weapon |
| कुल संख्या | 160 |
| करार राशि | ₹810.79 करोड़ |
| कंपनी | Bharat Dynamics Limited (BDL) |
| विकास | DRDO |
| श्रेणी | Buy Indian-IDDM |
| प्रकार | Air-to-Ground Precision-Guided Glide Bomb |
| स्वदेशी सामग्री | करीब 60% |
| डिलीवरी | FY 2027-28 और 2028-29 |
| प्रमुख प्लेटफॉर्म | Jaguar, Hawk, Su-30 M |
