शिक्षक अज्ञानता का अंधकार मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं, समाज और राष्ट्र के निर्माता हैं शिक्षक

रायपुर। शिक्षक अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर विद्यार्थियों को ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है। शिक्षक ही समाज और राष्ट्र का सच्चा निर्माता होता है, जो आने वाली पीढ़ी को सही दिशा देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करता है।

जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में वक्ताओं ने शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि उन्हें संस्कारवान, जिम्मेदार और बेहतर नागरिक भी बनाते हैं।

सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

“शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पीता है वह दहाड़ता है” : मंत्री दयालदास बघेल

जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पीता है वह दहाड़ता है।”

उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों को केवल शिक्षा ही न दें, बल्कि उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

मंत्री बघेल ने कहा कि शिक्षक दीपक के समान होते हैं, जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाते हैं और बच्चों के भविष्य को संवारने का कार्य करते हैं। उन्होंने समारोह में सम्मानित सभी शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

विधायकों ने भी किया शिक्षकों के योगदान का सम्मान

कार्यक्रम को विधायक दीपेश साहू और विधायक ईश्वर साहू ने भी संबोधित किया। इस दौरान शिक्षकों के समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहना की गई।

समारोह में रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिंन्हा और जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी सहभागिता की। समारोह में सम्मानित शिक्षकों के योगदान को सराहते हुए शिक्षा और संस्कार के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

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