सिंधी समाज ने संघर्षों को अवसर में बदलकर बनाई अपनी अलग पहचान, समाज की जीवटता पर सभी को गर्व : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
भोपाल में प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन को संबोधित करते हुए बोले सीएम— सिंधी समाज में फिनिक्स पक्षी की तरह फिर से उठ खड़े होने की अद्भुत क्षमता
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंधी समाज की जीवटता, कर्मठता और अपने व्यवहार से सभी का दिल जीतने की क्षमता अत्यंत प्रशंसनीय है। विभाजन की विभीषिका के बाद जन्मभूमि, घर और कारोबार छोड़ने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद सिंधी समाज ने कभी अपना हौसला, धर्म और संस्कार नहीं छोड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनौतियों को अवसर में बदलकर अपनी पहचान और गौरव को बनाए रखने वाले सिंधी समाज पर पूरे देश को गर्व है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के सिंधु भवन में आयोजित प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
फिनिक्स पक्षी की तरह फिर उठ खड़ा हुआ सिंधी समाज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंधी समाज की संघर्ष क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि समाज में फिनिक्स पक्षी के समान कठिन परिस्थितियों के बाद फिर से उठ खड़े होने की अद्भुत क्षमता है। इसी जीवटता के बल पर समाज ने अपने लिए नए अवसरों का निर्माण किया और देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान स्थापित की।
उन्होंने कहा कि सिंधी समाज के गौरवशाली महापुरुषों राजा दाहिर, संत कंवर राम और शहीद हेमु कालानी की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल कर राज्य सरकार ने समाज से किया अपना वादा निभाया है।
सिंधी भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंधी समाज व्यापारिक कुशलता और मजबूत बिजनेस माइंडसेट के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही समाज के लोग शिक्षा, समाजसेवा और विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सिंधी समाज के अधिकारों के संरक्षण तथा सिंधी भाषा और संस्कृति के संवर्धन के लिए सदैव तत्पर है। सरकार संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने में विश्वास रखती है।
भोपाल के मास्टर प्लान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों के हितों की रक्षा के प्रति पूरी तरह सजग है और सभी पक्षों के हित में श्रेष्ठ समाधान किया जाएगा।
17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा से संकल्प अभियान’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल प्रशासक के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उनके जन्मदिन 17 सितंबर से मध्यप्रदेश में ‘सेवा से संकल्प अभियान’ शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 50 लाख लोगों की नि:शुल्क रजिस्ट्री का कार्य किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में स्टाम्प ड्यूटी की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी, जिस पर लगभग 5 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान के तहत पहले चरण में ग्रामीण आबादी को उनकी संपत्ति की रजिस्ट्री कर राजस्व विभाग के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद शहरी क्षेत्रों के भू-खंडों की रजिस्ट्री की जाएगी।
कानून से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था के मामले में पूरी तरह सख्त है। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं लापरवाही और अपराध करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बालाघाट आज पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और कानून से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में जुटा सिंधी समाज
इस अवसर पर सांसद शंकर ललवानी, विधायक भगवानदास सबनानी, मध्यप्रदेश सिंधु भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष श्जेन्द्र मनवानी, प्रांतीय सिंधी सम्मेलन के कार्यक्रम संयोजक ईश्वर झामनानी सहित बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग उपस्थित रहे।
सम्मेलन में समाज की संस्कृति, अधिकारों, विकास और भविष्य की दिशा को लेकर भी महत्वपूर्ण विचार साझा किए गए।
