CM विष्णु देव साय की कलाई पर सजी राखी, बोले- बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल
रायपुर, 28 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार को आत्मीयता, स्नेह और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं और बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें स्नेह और आशीर्वाद दिया।




मुख्यमंत्री ने बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए अनमोल है। यह स्नेह उन्हें प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री ने लिया बहनों के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पावन पर्व है। बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखद और मंगलमय जीवन की कामना करती है, वहीं भाई बहन के सम्मान, सुरक्षा और सुख-दुःख में सदैव साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है।
उन्होंने कहा कि समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से बहनों का मुख्यमंत्री निवास पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है। बहनों का स्नेह और आशीर्वाद प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करता है।
स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की पत्नी ने बांधी राखी
कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी श्रीमती सरला दुबे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को विशेष रूप से भावुक और गौरवपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे। उनकी धर्मपत्नी से राखी बंधवाना उनके लिए विशेष भावनात्मक क्षण है।
कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी एवं स्मृति दीदी, श्रीमती सावित्री जायसवाल, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, टीम प्रहरी, विभिन्न समाजों की महिलाओं और दिव्यांग बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।
1600 जवानों को बांधी गई राखी
मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के करीब 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जवान त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर देश और प्रदेश की सुरक्षा का दायित्व निभाते हैं। ऐसे वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना सभी का दायित्व है।
महिला पत्रकारों के साहस की सराहना
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद महिला पत्रकारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता साहस, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का कार्य है। महिला पत्रकार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज को देश-दुनिया की घटनाओं से अवगत करा रही हैं।
उन्होंने बताया कि दिल्ली प्रवास से लौटते समय एयरपोर्ट पर पत्रकार बहन जिज्ञासा ने भी उन्हें राखी बांधकर अपना स्नेह व्यक्त किया।
महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
रक्षाबंधन को देखते हुए योजना की 31वीं किस्त 25 अगस्त को ही जारी की गई। इसके तहत 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे महिलाओं के आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ में 13.85 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन प्रदेश ने इससे आगे बढ़कर पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है।
उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के परिश्रम, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का प्रमाण बताया।
ड्रोन दीदी और ई-रिक्शा दीदी बन रहीं आत्मनिर्भर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक के साथ जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। ड्रोन दीदी योजना के तहत महिलाएं खेतों में उर्वरक और दवाओं का छिड़काव कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि ड्रोन से प्रति एकड़ छिड़काव पर करीब 300 रुपये की आय होती है। 20 से 25 एकड़ में काम करके ड्रोन दीदियां एक दिन में करीब 6 से 7 हजार रुपये तक कमा रही हैं।
इसी तरह ई-रिक्शा दीदियां भी आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रही हैं। नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां काम कर रही हैं। वहीं जशपुर के बगिया में रक्षाबंधन के अवसर पर 50 बहनों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए।
महिलाओं के लिए नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को सिर्फ योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और विकास की प्रक्रिया का मजबूत भागीदार बनाना चाहती है।
महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में करीब 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।
नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। प्रदेश को अब तक करीब 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।
बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के विकास में बाधा रहा, लेकिन अब प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास की मुख्यधारा से दूर रहे क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
विकसित छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। विकसित छत्तीसगढ़ का सपना भी मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना पूरा नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की हर माता-बहन को सम्मान और सुरक्षा मिले, वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और अपनी प्रतिभा व सामर्थ्य के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त करें।
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बहनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद सरकार की शक्ति है। मातृशक्ति के सामर्थ्य से ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।
