Nepal Cabinet Meeting: विनाशकारी बाढ़ के बाद PM बलेंद्र शाह ने बुलाई कैबिनेट बैठक, 469 मौतों के बाद राहत अभियान पर मंथन
काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त को रसुवा के भोटेकोशी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने शुक्रवार को सिंह दरबार स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में कैबिनेट बैठक बुलाई। बैठक में बाढ़ से हुए भारी नुकसान, राहत एवं बचाव अभियान और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर चर्चा की गई।
बाढ़ में अब तक 469 लोगों की मौत
नेपाल पुलिस के अनुसार, बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 469 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1,545 लोग घायल हुए हैं। चितवन में सबसे अधिक 178 मौतें दर्ज की गई हैं।
बचाव अभियान के दौरान रसुवा से 644 और नुवाकोट से 898 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी रखे हुए है।
सुरंग में फंसे लोगों का रेस्क्यू
बाढ़ के बाद रसुवा की एक जलविद्युत परियोजना की सुरंग में कुछ लोग फंस गए थे। नेपाली सेना ने विशेष बचाव अभियान चलाकर अब तक दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सेना की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
चीन में भूकंप के बाद फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा
नेपाल में बाढ़ की तबाही के बीच शुक्रवार को चीन के सिचुआन क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद नेपाल पुलिस को तिब्बत की ओर एक बांध टूटने की सूचना मिली।
इसके चलते त्रिशूली नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है। संभावित खतरे को देखते हुए त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों को दोबारा खाली कराया जा रहा है।
बैरियर झील के ओवरफ्लो से भी चिंता
चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र में बनी बैरियर झील के ओवरफ्लो होने की आशंका के कारण भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। संभावित जलप्रवाह को देखते हुए सुरक्षा और रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर प्रशासन सतर्क है।
राहत अभियान में जुटे हेलीकॉप्टर
मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बीच राहत एवं बचाव अभियान को गति देने के लिए दो नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर और निजी हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं।
वहीं त्रिशूली-रसुवा सड़क निर्माण कार्य फिलहाल रोक दिया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और राहत अभियान पर पूरा ध्यान दिया जा सके।
🇮🇳 26 गुजराती नागरिक संपर्क से बाहर
नेपाल में आई बाढ़ के बाद 26 गुजराती नागरिकों के लापता या संपर्क से बाहर होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 17 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं।
प्रशासन केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर इन लोगों की तलाश और उनके बारे में जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।
कैबिनेट बैठक में राहत और सुरक्षा पर फोकस
विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह द्वारा बुलाई गई कैबिनेट बैठक को राहत-बचाव अभियान और आगे की सुरक्षा रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के सामने एक ओर बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर त्रिशूली नदी में संभावित नए जलस्तर बढ़ने को लेकर भी सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
नेपाल में लगातार बदलते मौसम और सीमा क्षेत्र से सामने आ रही घटनाओं के बीच राहत एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
