भारत ने 15 मिनट में जीते दो गोल्ड, जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने रचा इतिहास

ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महज 15 मिनट के भीतर दो स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिए। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जूडो में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए भारत को पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में इस खेल में गोल्ड मेडल दिलाया।

इन दो स्वर्ण पदकों के साथ भारत की पदक तालिका में भी बड़ी छलांग लगी है और टीम 9वें स्थान पर पहुंच गई है।


अस्मिता डे ने दिलाया पहला ऐतिहासिक गोल्ड

महिलाओं की 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में 23 वर्षीय अस्मिता डे ने कनाडा की हेइडी क्वाच को 2-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

त्रिपुरा की रहने वाली अस्मिता की शुरुआत आसान नहीं रही। मुकाबले के शुरुआती दौर में उन्होंने एक अंक गंवाया और उन्हें एक पेनल्टी भी मिली। इसके बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार आक्रामक खेल दिखाया और मुकाबला बराबरी पर लाकर अंततः जीत अपने नाम कर ली।


हर्ष सिंह ने 10-0 से जीतकर दिलाया दूसरा गोल्ड

अस्मिता की जीत के कुछ ही मिनट बाद 23 वर्षीय हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को 10-0 (वाजा-अरी) से हराकर भारत की झोली में दूसरा स्वर्ण पदक डाल दिया।

मुकाबले की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन हर्ष ने बेहतरीन डिफेंस के साथ हर चुनौती का जवाब दिया। मैच के अंतिम मिनट में उन्होंने निर्णायक दांव लगाकर वाजा-अरी हासिल की और 10-0 की बढ़त बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।


भारत ने पहली बार जूडो में रचा इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारत ने जूडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। एक ही दिन में दो गोल्ड जीतकर भारतीय खिलाड़ियों ने नया इतिहास रच दिया।


मेडल टैली में भारत की छलांग

जूडो में दो स्वर्ण पदकों के बाद भारत का प्रदर्शन और मजबूत हुआ। अब तक भारत ने कुल 19 पदक अपने नाम किए हैं—

  • 🥇 5 स्वर्ण पदक
  • 🥈 10 रजत पदक
  • 🥉 4 कांस्य पदक

इसके साथ ही भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पदक तालिका में 9वें स्थान पर पहुंच गया है।


भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। जूडो में ऐतिहासिक सफलता के बाद अब देश की नजरें अन्य स्पर्धाओं पर हैं, जहां भारत के कई खिलाड़ी पदक जीतने की दौड़ में बने हुए हैं।

About The Author