अल नीनो का असर: पशुपालकों के लिए चेतावनी, अभी से करें पशुधन सुरक्षा की तैयारी
कांकेर जिले में अल नीनो के संभावित प्रभाव को लेकर पशुधन विकास विभाग ने पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के उप संचालक डॉ. सत्यम मित्रा ने बताया कि कम वर्षा और संभावित सूखे की स्थिति पशुओं के लिए चारा और पानी का संकट पैदा कर सकती है। ऐसे में पशुपालकों को अभी से चारा भंडारण, साइलेज निर्माण, यूरिया उपचारित पैरा संग्रहण और अजोला चारे के उपयोग जैसी तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए।
विभाग ने सूखा-प्रतिरोधी फसलों जैसे बाजरा, ज्वार (सोरगम) और लोबिया की खेती को बढ़ावा देने की सलाह दी है। साथ ही बबूल और पीपल जैसे पौष्टिक वृक्षों की पत्तियों को भी पशु आहार में शामिल किया जा सकता है।
गर्मी और जल संकट को देखते हुए पशुओं के लिए पर्याप्त स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, टंकियों और कुओं की नियमित सफाई करने तथा पानी को छायादार स्थान पर रखने की अपील की गई है। पशुओं में हीट स्ट्रेस और बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए समय पर टीकाकरण, कृमिनाशक दवाओं का उपयोग और पशुधन बीमा कराने पर भी जोर दिया गया है।
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को तेज धूप में न छोड़ें, उनसे अधिक कार्य न लें और बीमार होने पर तुरंत उपचार कराएं। विभाग का कहना है कि समय रहते की गई तैयारी संभावित सूखे की स्थिति में पशुधन को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
