चिरायु योजना बनी वरदान: बस्तर के 6 वर्षीय विक्रम को मिली नई मुस्कान और नया जीवन
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की चिरायु योजना बस्तर के एक मजदूर परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है। जिले के तारागांव निवासी 6 वर्षीय बालक विक्रम कश्यप, जो जन्मजात कटे होंठ और तालु की समस्या से जूझ रहा था, अब सफल इलाज के बाद एक सामान्य और आत्मविश्वास से भरा जीवन जी रहा है।
विक्रम का जन्म एक गरीब मजदूर परिवार में हुआ था। जन्म से ही कटे होंठ और तालु के कारण उसे न केवल भोजन करने में कठिनाई होती थी, बल्कि उसकी बोली भी स्पष्ट नहीं थी। इस शारीरिक समस्या के चलते वह हीन भावना का शिकार हो गया था और अक्सर लोगों के बीच जाने से कतराता था।
उसके जीवन में बदलाव तब आया जब राज्य सरकार का चिरायु दल स्वास्थ्य जांच के लिए तारागांव पहुंचा। जांच के दौरान दल के सदस्यों ने न केवल विक्रम की समस्या को पहचाना, बल्कि उसके पिता नरसिंग कश्यप को बेहतर उपचार का भरोसा दिलाया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की संवेदनशीलता के बाद परिवार ऑपरेशन के लिए तैयार हुआ।
लोहण्डीगुड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जगदलपुर के स्वास्थ्य अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में विक्रम को रायपुर के मेडिशाइन अस्पताल ले जाया गया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने विक्रम का सफल ऑपरेशन किया। कुछ हफ्तों बाद जब वह अपने गांव लौटा, तो उसका पूरा व्यक्तित्व बदल चुका था।
ऑपरेशन के बाद अब विक्रम न केवल स्पष्ट बोल पा रहा है, बल्कि आत्मविश्वास के साथ सबके सामने आता है। उसके पिता नरसिंग ने इसे शासन की योजना का चमत्कार बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित पूरी स्वास्थ्य टीम का आभार व्यक्त किया है।
बता दें कि चिरायु योजना के माध्यम से उन परिवारों को निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है, जो आयुष्मान भारत योजना का लाभ पाने के पात्र नहीं हैं। अंत्योदय परिवार और दिव्यांगजन इस योजना के तहत इलाज का लाभ ले सकते हैं।
