उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में ओडिशा से आई बीमार हथिनी की मौत, सात दिन तक चला लगातार इलाज

गरियाबंद, 17 जनवरी 2026. उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) में ओडिशा से भटककर आई लगभग 10-12 वर्षीय हथिनी की आज सुबह मौत हो गई। बीमार हथिनी का पिछले सात दिनों से लगातार इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

उप निदेशक वरुण जैन ने बताया कि 22 दिसंबर को रिजर्व स्टाफ को सूचना मिली थी कि एक हथिनी भोजन नहीं कर रही है और उसका मल त्याग भी नहीं हो रहा है। यह हथिनी गरियाबंद और धमतरी होते हुए उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व पहुंची थी।

रिजर्व प्रशासन ने तुरंत इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान हथिनी की हालत में कुछ सुधार भी दिखा। वह मल त्याग करने लगी थी तथा थोड़ा-बहुत भोजन भी करने लगी थी। लेकिन 15 जनवरी को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद जंगल सफारी तथा कानन पेंडारी जू के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की मदद से भी बचाव के पूरे प्रयास किए गए, परंतु हथिनी को बचाया नहीं जा सका।

वन विभाग तथा अभयारण्य प्रशासन ने विधिवत अंतिम संस्कार किया।

USTR के हाथी मित्र दल ने जान जोखिम में डालकर हथिनी की देखभाल की। चार दिन पूर्व का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टीम के सदस्य अत्यंत जोखिम भरे हालात में हथिनी को दवाइयां खिलाते हुए दिख रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि सितंबर 2025 में इसी प्रकार की बीमारी से ग्रस्त एक नर हाथी को वन विभाग सफलतापूर्वक बचा चुका है, लेकिन इस बार प्रयास सफल नहीं हो सके।

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