मध्य प्रदेश: ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग शीतलहर की चपेट में, 7 जिलों में अलर्ट, पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा 5.8 डिग्री
भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग कड़ाके की ठंड से ठिठुर रहे हैं। रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना समेत सात जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के 20 से अधिक जिले सुबह के समय घने से मध्यम कोहरे की चपेट में रहे, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई और दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की समय-सारिणी पर असर पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को शीतलहर प्रभावित जिलों में सर्द हवाओं के चलने से दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से कम रहेगा। अगले दो दिनों तक दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, लेकिन इसके बाद तीन दिन तक फिर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने की संभावना है।
शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी, खजुराहो, नौगांव, मंडला, उमरिया, रीवा, राजगढ़, रायसेन, दतिया, मलाजखंड, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, खंडवा, सीधी, खरगोन और टीकमगढ़ सहित कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 252 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम बह रही है, जिसका असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ रहा है। इसके अलावा उत्तरी हिस्से में एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के आगे बढ़ने पर ठंड का असर और बढ़ेगा तथा तापमान में और गिरावट आएगी।
मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
