मेडिकल कॉलेज में डायरेक्ट एडमिशन दिलाने का झांसा, आखिर कैसे व्यापारी को लगा 30 लाख रुपए का चूना ?

बिलासपुर। सोशल मीडिया पर डायरेक्ट एडमिशन के विज्ञापन देखकर व्यापारी ठगी का शिकार हो गया। पुणे स्थित कथित एजुकेशन कंसल्टेंसी ने उसके बेटे को नामी मेडिकल कॉलेज में सीट दिलाने के नाम पर 30 लाख रुपए ऐंठ लिए। एडमिशन कन्फर्मेशन नहीं मिलने पर सिविल लाइन पुलिस में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।


ठगी की पूरी कहानी
व्यापार विहार रोड स्थित सांई शरण निवासी हेमंत मोदी (50) लुब्रीकेंट व्यवसायी हैं। उन्होंने विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क कर गौरव झा से बात की। गौरव झा और विनीत सिंह उनके कार्यालय पहुंचे तथा पुणे की एजेंसी से नामी कॉलेजों में एडमिशन कराने का दावा किया।

5 जून 2025 को हेमंत मोदी पुणे गए जहां शिवम शर्मा उर्फ गोपी, कृष्णा और विनीत सिंह से मुलाकात हुई। आरोपियों ने शत-प्रतिशत एडमिशन की गारंटी देकर डोनेशन सहित 30 लाख रुपए मांगे। हेमंत ने विभिन्न किस्तों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर पूरी राशि जमा कर दी।


एडमिशन मेल नहीं आने पर खुलासा
राशि जमा होने के बाद भी कॉलेज से कोई कन्फर्मेशन मेल नहीं आया। संपर्क करने पर फोन बंद मिले। ठगी का एहसास होने पर हेमंत मोदी ने शिकायत दर्ज कराई।


पुलिस कार्रवाई
सिविल लाइन पुलिस ने शिवम शर्मा, विनीत सिंह उर्फ सौम्य राज, गौरव झा, आर्यन अग्रवाल और विराज चोढ़े के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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