किसानों को खाद-बीज में नहीं होगी कोई परेशानी, कलेक्टर होंगे जवाबदेह: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रियाबंद। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए और इसकी सीधी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी।

गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित रायपुर संभाग की संभागीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग कर किसानों की उत्पादकता बढ़ाई जानी चाहिए।

अवैध रेत उत्खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

करीब साढ़े तीन घंटे तक चली मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के समाधान के लिए 7 करोड़ मंजूर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए बड़ा फैसला लिया। उन्होंने तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जनता को स्थायी समाधान मिलना चाहिए।

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को जनता की शिकायतें न्यूनतम करने के लिए संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।

इन योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन और उठाव की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों के शत-प्रतिशत कवरेज और जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए।

शिक्षा में AI तकनीक के उपयोग पर बल

शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सीखने के स्तर में सुधार और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाई जाए।

नए आपराधिक कानूनों और सड़क सुरक्षा की भी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा तथा देश में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि “सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और जनता से सीधे संवाद स्थापित करने का माध्यम है।”

बैठक में विधायक Rohit Sahu, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव Subodh Kumar Singh, विशेष सचिव Rajat Bansal, रायपुर संभागायुक्त Shyam Dhawde, आईजी Amresh Mishra सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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