बालाघाट में 43 लाख के इनामी दो नक्सलियों का आत्मसमर्पण, शांति बहाली की दिशा में बड़ी सफलता

बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में सुरक्षा बलों के समक्ष 43 लाख रुपये के इनामी दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। यह घटना नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति स्थापना और सक्रिय नक्सली गतिविधियों को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने बताया कि दोनों नक्सली लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय थे तथा उनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामलों में केस दर्ज थे। आत्मसमर्पण के समय उनके पास कोई हथियार नहीं मिले।

सुरक्षा बलों के अनुसार, यह सरेंडर जिले में चल रहे सामूहिक अभियान और सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुरक्षा व पुनर्वास योजनाओं का परिणाम है। पुलिस अधिकारियों ने नक्सलियों की पहचान राहुल नागवंशी और संजय मरकाम के रूप में की है। दोनों पर हत्या, लूट और तोड़फोड़ जैसे गंभीर आरोप थे तथा उनके खिलाफ विभिन्न जिलों में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। सरेंडर के बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

बालाघाट के एसपी ने बताया कि यह कदम स्थानीय ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सुरक्षित और कानूनी प्रक्रिया के तहत पुनर्वास योजना के अंतर्गत सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे अन्य नक्सलियों को भी सरेंडर के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।

सरेंडर के समय दोनों नक्सलियों ने कहा कि वे अब हथियार त्यागकर सामान्य जीवन अपनाना चाहते हैं। सुरक्षा बलों ने उनके और उनके परिवारों को सुरक्षा व पुनर्वास में किसी प्रकार की कठिनाई न होने का आश्वासन दिया। यह घटनाक्रम मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति व सुरक्षा बहाली की दिशा में सकारात्मक संकेत है। सरकार और सुरक्षा बल इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहे हैं तथा बालाघाट जिले में नक्सल विरोधी अभियान को गति देने के लिए निगरानी व स्थानीय संवाद जारी रखेंगे।

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