सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में 543 विकास कार्यों को मंजूरी, 50 करोड़ का बजट स्वीकृत

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में संभाग के जिलों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई और जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। प्राधिकरण के माध्यम से वनांचल और पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को मंजूरी दी गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन दिया गया। मुख्यमंत्री ने सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने और लंबित कार्य मार्च तक समाप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में लापरवाही स्वीकार नहीं होगी और गर्मी में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण कार्य तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिल की त्रुटियां दूर करने और गुणवत्ताहीन निर्माण पर सख्त कार्रवाई करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में हुई थी, जिसके बाद वहां पर्यटन पहचान बढ़ी। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में बड़े शिवलिंग को स्थान मिला और स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा तथा झुमका जलाशय सहित क्षेत्र में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं।

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