मुख्यमंत्री मोहन यादव ने टीकमगढ़ को दी 189 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, मेडिकल कॉलेज की घोषणा

टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार बुंदेलखंड के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है और यह क्षेत्र तेजी से नए निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से बुंदेलखंड की तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र कृषि उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी क्षेत्रों में शामिल होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को टीकमगढ़ जिले के खरगापुर में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जिले को 189 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 72 विकास परियोजनाओं की सौगात दी।

189 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री ने 102.45 करोड़ रुपये की लागत वाले 33 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 86.66 करोड़ रुपये के 39 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने टीकमगढ़ में सर्वसुविधायुक्त भव्य मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसका भूमिपूजन भी जल्द किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए गए।

टीकमगढ़ को मिली नई शैक्षणिक और खेल सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले को अमृत भारत रेलवे स्टेशन की सुविधा मिलने के साथ-साथ जतारा और बड़ागांव धसान में आधुनिक सांदीपनि विद्यालय भवनों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 16 विद्यालयों में विभिन्न निर्माण कार्य पूरे हुए हैं। युवाओं के लिए हॉकी सिंथेटिक एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम और बास्केटबॉल कोर्ट का लोकार्पण भी किया गया। खरगापुर में 40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए सांदीपनि विद्यालय भवन का भूमिपूजन भी हुआ।

केन-बेतवा परियोजना से बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक पानी की कमी और रोजगार के अभाव से जूझने वाला बुंदेलखंड अब विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पूरी होने पर टीकमगढ़ सहित पूरे क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे किसानों की आय में ऐतिहासिक वृद्धि होगी।

सिंचाई क्षमता बढ़ाने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2002-03 में प्रदेश में केवल 7.50 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जबकि अब यह बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो चुकी है। राज्य सरकार का लक्ष्य इसे एक करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाने का है।

लाड़ली बहना, पशुपालन और किसानों के लिए कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। साथ ही किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत पशुपालकों को सहायता दी जा रही है तथा गौशालाओं को प्रति गौवंश 40 रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को बेहतर मूल्य भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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