छत्तीसगढ़ में धान खरीदी महाअभियान को मिली गति, अब तक 93.12 लाख मीट्रिक टन उपार्जन, किसानों को 20,753 करोड़ का भुगतान



रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 14 नवंबर 2025 से शुरू हुआ छत्तीसगढ़ का धान खरीदी महाअभियान पारदर्शिता, गति और किसान हितैषी व्यवस्था का उदाहरण बनता जा रहा है। प्रदेश में अब तक 16.95 लाख पंजीकृत किसानों से 93.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।

किसानों को उनके उत्पादन की पूरी कीमत समय पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा समर्थन मूल्य के तहत अब तक लगभग 20 हजार 753 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया गया है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, बल्कि किसानों के आर्थिक आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।

प्रदेशभर में संचालित 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित, डिजिटल निगरानी युक्त और पूर्णतः पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है। शासन की व्यवस्था यह सुनिश्चित कर रही है कि वास्तविक किसानों को ही लाभ मिले और बिचौलियों अथवा फर्जी प्रविष्टियों की कोई गुंजाइश न रहे। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोकन व्यवस्था को और सरल बनाया गया है। खाद्य विभाग के अनुसार अब टोकन सहकारी समितियों के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं।

खरीदी के आंकड़ों के अनुसार प्रमुख धान उत्पादक जिलों में तेज गति से उपार्जन हुआ है। 8 जनवरी तक महासमुंद जिले में 6 लाख 33 हजार 291 क्विंटल, बेमेतरा में 5 लाख 33 हजार 482 क्विंटल, बलौदाबाजार-भाठापारा में 5 लाख 15 हजार 071 क्विंटल, बालोद में 4 लाख 99 हजार 074 क्विंटल, रायपुर में 4 लाख 66 हजार 249 क्विंटल, धमतरी में 4 लाख 43 हजार 308 क्विंटल, राजनांदगांव में 4 लाख 42 हजार 473 क्विंटल, बिलासपुर में 4 लाख 21 हजार 142 क्विंटल, जांजगीर-चांपा में 4 लाख 18 हजार 429 क्विंटल, कवर्धा में 4 लाख 12 हजार 003 क्विंटल, दुर्ग में 3 लाख 60 हजार 605 क्विंटल और गरियाबंद में 3 लाख 60 हजार 612 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई है।

इसी तरह मुंगेली में 3 लाख 58 हजार 072 क्विंटल, रायगढ़ में 3 लाख 42 हजार 528 क्विंटल, कांकेर में 3 लाख 25 हजार 960 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3 लाख 14 हजार 758 क्विंटल, बस्तर में 1 लाख 79 हजार 964 क्विंटल, बीजापुर में 59 हजार 583 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 10 हजार 238 क्विंटल, कोंडागांव में 1 लाख 97 हजार 106 क्विंटल, नारायणपुर में 24 हजार 022 क्विंटल, सुकमा में 47 हजार 617 क्विंटल, गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही में 87 हजार 870 क्विंटल, कोरबा में 1 लाख 56 हजार 983 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 2 लाख 77 हजार 071 क्विंटल, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1 लाख 41 हजार 353 क्विंटल, बलरामपुर में 1 लाख 57 हजार 708 क्विंटल, जशपुर में 1 लाख 68 हजार 264 क्विंटल, कोरिया में 76 हजार 648 क्विंटल, सरगुजा में 2 लाख 02 हजार 951 क्विंटल, सूरजपुर में 2 लाख 29 हजार 359 क्विंटल, सक्ती में 2 लाख 70 हजार 468 क्विंटल और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 56 हजार 855 क्विंटल धान की खरीदी हुई है।

छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था आज केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसान सम्मान, पारदर्शिता और आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर पात्र किसान को समय पर, पूरा और पारदर्शी लाभ मिले, जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है।

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