दिल्ली में आवारा कुत्तों की माइक्रोचिपिंग और टीकाकरण के लिए एमसीडी ने बजट में रखे 35 करोड़
दिल्ली में आवारा कुत्तों की माइक्रोचिपिंग और टीकाकरण को लेकर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने बड़ा कदम उठाया है। आगामी बजट में इसके लिए 35 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार करना है।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस राशि में से 20 करोड़ रुपये एमसीडी द्वारा सीधे खर्च किए जाएंगे, जबकि शेष 15 करोड़ रुपये पशु कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों के साथ साझेदारी के माध्यम से दिए जाएंगे। फिलहाल निगम शहर में 13 एनजीओ और 20 एनिमल शेल्टर संचालकों के साथ मिलकर काम कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एनजीओ की भागीदारी से अभियान को तेजी और प्रभावशीलता मिलेगी।
अधिकारियों ने बताया कि अगले दो से तीन महीनों में करीब 25 हजार आवारा कुत्तों को माइक्रोचिप लगाने और टीकाकरण का लक्ष्य तय किया गया है। माइक्रोचिप में कुत्ते की पहचान, लोकेशन और टीकाकरण से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज रहेगी, जिससे भविष्य में किसी भी घटना की स्थिति में निगरानी और कार्रवाई आसान होगी।
इसके साथ ही एमसीडी ने बंदरों की समस्या से निपटने के लिए भी बजट में 60 लाख रुपये का अलग प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने में किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत एमसीडी आवारा पशुओं के प्रबंधन को योजनाबद्ध तरीके से लागू कर रही है। इसी कड़ी में द्वारका सेक्टर-29 में 1500 आवारा कुत्तों की क्षमता वाला दिल्ली का पहला आधुनिक डॉग शेल्टर भी विकसित किया जा रहा है।
