शराब दुकान में सेटिंग का खेल! अधिकारी–कर्मचारी की सेटिंग से ग्राहकों की जेब काटने का गंदा खेल जारी…
oplus_131074
रायपुर। राजधानी रायपुर के शराब दुकानों में ओवर रेटिंग का मामल कोई नई बात नहीं है। अधिकारियों की मिलीभगत से अक्सर दुकान संचालक शराब के बोतलों की कीमतों में हेरफेर कर मदिरा प्रेमियों की जेबों में डाका डालने का काम करते हैं। और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुचते हैं। दीपावली के मद्देनजर राजधानी रायपुर के कई ऐसे शराब दुकान है जो खुले आम ओवर रेटिंग कर अपने साथ-साथ अधिकारियों की जेबों का भी ध्यान रख रहे हैं। कई शराब दुकान ऐसे हैं जहां समय अनुसार कई शराब की ब्रांड की बोतलों में ओवर रेटिंग की जा रही है। तो कई शराब दुकान ऐसे भी हैं जहां कोचियाओं को अधिक मात्रा में अधिक दर पर शराब पड़ोसी जा रही है।
तो वहीं आज हम आपको राजधानी रायपुर के एक ऐसे ही शराब दुकान के बारे मे बताएंगे जहां हाल फिलहाल में विभागीय अधिकारियों का सर्कल बदला गया है। और सर्कल बदलते ही शराब दुकान संचालक ने अधिकारी से सेटिंग कर अपना पूरा जुगाड़ जमा लिया।
मामला राजधानी रायपुर के कादर चौक स्थित शराब दुकान का है विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुपरवाइजर सुरेश पाटले विभागीय अधिकारियों से सेटिंग कर समयानुसार ओवर रेटिंग कर अपने साथ साथ दुकान के बाकी कर्मचारियों व विभागीय अधिकारियों की जेब का बराबर ध्यान रख रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस दुकान में सिर्फ ओवर रेटिंग ही नहीं बल्कि कोचियाओं को भी माल परोसा जाता है। वहीं अपने पसंदीदा ग्राहकों को ब्रांड के शराब भी परोसे जाते हैं। आबकारी विभाग द्वरा बनाए गए मनपसंद एप में जिस ब्रांड के शराब इस दुकान में उपलब्ध दिखाए जाते हैं। सुपरवाइजर व सेल्समैन की मिलीभगत से उन्हें ग्राहकों को अनुपलब्ध कह दिए जाते हैं। ताकि बाद में सेल्समैन व सुपरवाइजर इन शराब की ब्रांड को अधिक दाम में ग्राहकों को बेच कर अपना जेब गर्म कर सकें।
मिली जानकारी के अनुसार कादर चौक के इस शराब दुकान में कुछ दिनों पहले ही आबकारी अधिकारी ने दबिश देकर गड़बड़ी पाए जाने पर केस बनाया था। बावजूद इसके शराब दुकान संचालक सुरेश पाटले चंद पैसों की लालच में इस कृत्य को अंजाम दे रहे हैं। और इन सब से होने वाली ऊपरी कामाई का हिस्सा बराबर सभी में बाटता है। कोचियाओं को माल परोसने के बारे में जब हमने दुकान के कर्मचारियों से बात की तो नाम न उजागर के शर्त पर उन्होंने बताया कि विभाग के ऊपरी अधिकारियों से उन्हें प्रति माह का टारगेट दिया जाता है। और उसी टारगेट को पूर्ण करने के लिए ये सभी कोचियाओं को अधिक मात्रा में शराब परोसते हैं।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि कादर चौक की यह दुकान आबकारी अधिकारी वैभव मित्तल के अधीनस्थ आती है। हालांकि अधिकारी जी ने इन्हें ओवर रेटिंग या कोचियाओं को माल परोसने की इजाज़त तो नहीं दी है लेकिन साहब ऊपरी मलाई खाने की लालच में विभाग द्वारा बनाए गए सारे नियम को ही भूल गए हैं।
