लोरमी तहसील में 15 दिनों से जारी प्रशासनिक गतिरोध खत्म, काम पर लौटे पटवारी और आरआई

मुंगेली: लोरमी तहसील में पिछले दो सप्ताह से तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों के बीच चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया है। कलेक्टर के हस्तक्षेप और मार्गदर्शन में आयोजित बैठक के बाद सभी कर्मचारी काम पर वापस लौट आए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ और पटवारी-आरआई संगठनों के बीच आपसी सामंजस्य से इस समस्या का समाधान निकाला गया।

तहसीलदार को हटाने की मांग पर अड़ी थी यूनियन
विवाद की शुरुआत 29 जनवरी को हुई थी, जब पटवारी और राजस्व निरीक्षक संघ ने तहसीलदार शेखर पटेल पर प्रताड़ना और अनावश्यक दबाव का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। मामला उस समय और अधिक गंभीर हो गया जब जिला पटवारी-आरआई संघ ने भी इसे अपना समर्थन दे दिया। दूसरी ओर, कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि तहसीलदार को पद से हटाया गया, तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे।

कलेक्टर की मध्यस्थता से बनी सहमति
प्रशासनिक कामकाज ठप होने की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने सभी पक्षों की संयुक्त बैठक बुलाई। बैठक में अधिकारियों और कर्मचारियों की शिकायतों को विस्तार से सुना गया। चर्चा के बाद सभी पक्ष प्रशासनिक मर्यादा और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर सहमत हुए। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की वैध शिकायतों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।

लंबित राजस्व कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश
हड़ताल समाप्त होने के बाद कलेक्टर ने तहसील के अधिकारियों को लंबित राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। इस समाधान से लोरमी तहसील में पिछले 15 दिनों से प्रभावित हो रहे शासकीय कार्य अब पुनः सुचारू रूप से शुरू हो सकेंगे।

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