रविवि की नई समय-सारिणी में गंभीर त्रुटियाँ, शीतकालीन अवकाश में भी परीक्षा

रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय एक बार फिर अपनी समय-सारिणी को लेकर विवादों में है। पिछले वर्ष एक ही सत्र में पाँच बार समय-सारिणी जारी करने का रिकॉर्ड बनाने वाले विश्वविद्यालय ने इस बार जारी नई सेमेस्टर परीक्षा समय-सारिणी में कई गंभीर अनियमितताएँ की हैं।

सबसे बड़ी त्रुटि यह है कि विश्वविद्यालय ने 23 से 25 दिसंबर तक घोषित शीतकालीन अवकाश के दौरान भी स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर की सेमेस्टर परीक्षाएँ निर्धारित कर दी हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों में इस अवधि में अवकाश अनिवार्य होता है, जिसे विश्वविद्यालय ने नजरअंदाज कर दिया।

इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत जिन विषयों के नाम बदले गए हैं या जिन्हें पाठ्यक्रम से पूरी तरह हटा दिया गया है, उन विषयों की परीक्षाएँ भी समय-सारिणी में शामिल हैं। इससे छात्रों और संबद्ध महाविद्यालयों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

महाविद्यालय प्रबंधनों ने मौखिक रूप से इन त्रुटियों से विश्वविद्यालय को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई संशोधन नहीं किया गया है। परीक्षाएँ नजदीक होने से सुधार की संभावना भी कम है।

प्रतियोगी परीक्षाओं से तिथि टकराव

समय-सारिणी में एक और बड़ी समस्या अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं से तिथियों का टकराव है। दिसंबर माह में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के तीनों स्तरों की परीक्षाएँ तथा यूजीसी-नेट का आयोजन होता है। विश्वविद्यालय की परीक्षाएँ भी इसी अवधि में होने से छात्रों को गंभीर असुविधा होगी।

निजी महाविद्यालय संघ के सचिव डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने बताया कि कई महाविद्यालयों ने नवंबर माह से ही परीक्षा शुरू करने पर भी आपत्ति दर्ज की है। उनका कहना है कि यदि शैक्षणिक सत्र का पालन करना है तो पूर्ण रूप से करना चाहिए। सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया चलाने के बाद नवंबर में परीक्षा लेना छात्रों के अध्ययन और परिणाम पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। पहले सेमेस्टर परीक्षाएँ दिसंबर से शुरू होती रही हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन की इन त्रुटियों से संबद्ध महाविद्यालय और छात्र दोनों ही परेशान हैं। सुधार न होने की स्थिति में मामला और गंभीर हो सकता है।

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