शराब दुकान जॉब में घोटाला? पैसे लेकर कराया काम, फिर फर्जी आरोप में निकाला

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवा बेरोजगार को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया। 24 वर्षीय अमित चंदेल, जो पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे थे, अब न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

नौकरी का झांसा, लाखों की ठगी

अमित का आरोप है कि हेमंत वैष्णव नामक व्यक्ति ने उन्हें व्हाइन शॉप में नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे ₹1.60 लाख रुपए वसूल लिए। यह रकम अमित ने उधार लेकर दी थी, इस उम्मीद में कि उन्हें स्थायी रोजगार मिलेगा।

मुफ्त में कराया काम, नहीं मिला वेतन

दिसंबर महीने में अमित ने लाखेनगर स्थित व्हाइन शॉप में काम शुरू किया
काम के दौरान उन्हें पता चला कि उनका बायोमेट्रिक तक चालू नहीं किया गया
बाद में बताया गया कि दिसंबर का पूरा काम बिना वेतन (फ्री में) कराया जाएगा !

जनवरी में काम करने के बाद अमित को मात्र ₹12,500 रुपए दिए गए।
जब उन्होंने कम वेतन का कारण पूछा, तो छुट्टी और लेट आने का बहाना बनाकर टाल दिया गया।

झूठे आरोप और नौकरी से बाहर

सबसे गंभीर घटना तब हुई जब फरवरी का वेतन देने का समय आया।
अमित का आरोप है कि:
उनके खिलाफ झूठे वीडियो बनाए गए
और उन्हें बिना किसी ठोस कारण के नौकरी से निकाल दिया गया

बेरोजगारी और कर्ज के बीच फंसा युवक

आज अमित चंदेल न सिर्फ बेरोजगार हैं, बल्कि भारी कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं।
वे न्याय के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

छत्तीसगढ़ को अक्सर दो वजहों से जाना जाता है:
धान का कटोरा
शराब खपत में उच्च स्थान

लेकिन यह मामला एक कड़वी सच्चाई उजागर करता है—
शराब कारोबार से जुड़े सिस्टम में अब भी अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं।

यह घटना केवल एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि:
कैसे बेरोजगारी का फायदा उठाकर युवाओं का शोषण हो रहा है
और कैसे आबकारी विभाग की लापरवाही किसी की जिंदगी को अस्थिर कर सकती है

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