बिना लाइसेंस आइस फैक्ट्री पर छापा, 5000 आइसक्रीम जब्त, 3000 कैंडी नष्ट

खैरागढ़। गर्मी शुरू होते ही ठंडक के लिए आइसक्रीम और आइस कैंडी की मांग बढ़ जाती है, लेकिन खैरागढ़ जिले के साल्हेवारा में बच्चों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ सामने आया है। यहां खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बिना लाइसेंस संचालित एक आइस फैक्ट्री पर छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की है।

27 मार्च को मिली सूचना के आधार पर टीम ने फैक्ट्री पर दबिश दी। जांच के दौरान पाया गया कि गंदगी के बीच आइसक्रीम और आइस कैंडी तैयार की जा रही थी। साफ-सफाई का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा था और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया जा रहा था। तैयार उत्पादों पर न तो बैच नंबर अंकित था, न निर्माण तिथि और न ही एक्सपायरी डेट, जिससे उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए।

कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से करीब 5000 चोकोबार आइसक्रीम पैकेट, पैकेजिंग सामग्री और आइसक्रीम कोन जब्त कर तीन फ्रीजर में सीज कर दिए। वहीं लगभग 3000 ऑरेंज कैंडी को मौके पर ही नष्ट कराया गया। जब्त और नष्ट किए गए सामान की कुल कीमत करीब एक लाख रुपये आंकी गई है।

जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित हो रही थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी नियमों का पालन नहीं किया जाएगा, तब तक यहां आइसक्रीम और कैंडी का निर्माण, भंडारण और बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

डॉक्टरों के अनुसार इस तरह अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार आइस उत्पाद बच्चों के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। इनमें दूषित पानी, सस्ते रंग और हानिकारक रसायन मिलाए जा सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

यह कार्रवाई अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे की मौजूदगी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक घृतलहरे और उनकी टीम ने की। विभाग ने बताया कि गर्मी के मौसम में इस तरह के अवैध कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को सड़क किनारे मिलने वाले सस्ते और असुरक्षित खाद्य पदार्थों से दूर रखें और केवल साफ-सुथरे एवं विश्वसनीय स्थानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें, ताकि बच्चों की सेहत सुरक्षित रह सके।

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