कन्या भ्रूण हत्या रोकने सरकार सख्त: अवैध लिंग जांच की सूचना देने पर मिलेगा ₹2 लाख तक का इनाम

**पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मुखबिर पुरस्कार योजना लागू, सफल स्टिंग ऑपरेशन पर भी प्रोत्साहन राशि

भोपाल। कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (PCPNDT) अधिनियम, 1994 के तहत कार्रवाई और अधिक सख्त कर दी है। अवैध भ्रूण लिंग जांच और लिंग चयन जैसी गैरकानूनी गतिविधियों की सूचना देने वाले मुखबिरों को “पुनरीक्षित मुखबिर पुरस्कार योजना-2021” के तहत 2 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।


अवैध लिंग जांच की सूचना देने पर मिलेगा इनाम

सरकार ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध भ्रूण लिंग जांच, लिंग चयन या इससे जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। सूचना के आधार पर सफल कार्रवाई और न्यायालय में अपराध सिद्ध होने पर मुखबिर सहित अन्य सहयोगियों को नियमानुसार पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।


दो चरणों में मिलेगी 2 लाख रुपये तक की राशि

योजना के तहत पुरस्कार राशि दो किस्तों में दी जाएगी—

  • पहली किस्त: न्यायालय में चालान प्रस्तुत होने पर 1.25 लाख रुपये
  • दूसरी किस्त: न्यायालय द्वारा अपराध सिद्ध होने पर 75 हजार रुपये

यह राशि मुखबिर, डिकॉय महिला, अभियोजन अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी और अन्य अधिकृत सहयोगियों के बीच निर्धारित नियमों के अनुसार वितरित की जाएगी।


स्टिंग ऑपरेशन को बनाया गया प्रभावी हथियार

सरकार ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्टिंग ऑपरेशन एक महत्वपूर्ण माध्यम है। डिकॉय महिला और मुखबिरों की मदद से गोपनीय कार्रवाई कर अवैध लिंग जांच करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जाते हैं।


स्टिंग ऑपरेशन में किसे कितनी राशि मिलेगी?

पहली किस्त (कुल ₹1.25 लाख)

  • मुखबिर – ₹50,000
  • डिकॉय महिला – ₹20,000
  • सहयोगी – ₹10,000
  • जिला नोडल अधिकारी/अधिकृत अधिकारी – ₹15,000
  • अभियोजन अधिकारी – ₹30,000

दूसरी किस्त (कुल ₹75 हजार)

  • मुखबिर – ₹30,000
  • डिकॉय महिला – ₹10,000
  • सहयोगी – ₹5,000
  • जिला नोडल अधिकारी – ₹10,000
  • अभियोजन अधिकारी – ₹20,000

बेटी बचाने में निभाएं अपनी जिम्मेदारी

राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे भ्रूण लिंग जांच और लिंग चयन जैसी गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाकर बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। समाज में लैंगिक समानता और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए जनभागीदारी बेहद आवश्यक है।

About The Author