NH MMI रायपुर ने रचा इतिहास: 18 महीनों में 100 ब्रेन व स्पाइन ट्यूमर सर्जरी, मध्य भारत को मिली बड़ी सौगात
रायपुर | एमएमआई नारायणा अस्पताल, रायपुर ने न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय माइलस्टोन हासिल करते हुए मध्य भारत की चिकित्सा क्षमताओं को नई ऊँचाई दी है। अस्पताल के वरिष्ठ कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन डॉ. घनश्याम ससापरधी ने मात्र डेढ़ वर्ष में 100 सफल ब्रेन और स्पाइन ट्यूमर सर्जरी कर यह ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है।
यह उपलब्धि न केवल उन्नत न्यूरोसर्जिकल तकनीकों की सफलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि अब गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के लिए मरीजों को मेट्रो शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता नहीं है। रायपुर में ही विश्वस्तरीय उपचार संभव हो सका है।
जटिल सर्जरी, उच्च सटीकता और बेहतर परिणाम...

इन 100 सर्जरी में कई अत्यंत जटिल और हाई-रिस्क प्रक्रियाएँ शामिल रहीं, जिनमें—
स्पीच और मोटर एरिया के पास ट्यूमर के लिए अवेक क्रैनियोटॉमी, एंडोस्कोपिक ब्रेन ट्यूमर एक्सिशन,उन्नत स्कल-बेस सर्जरी, तथा जटिल स्पाइन ट्यूमर रिमूवल शामिल हैं।
हर सर्जरी में न्यूरोलॉजिकल फंक्शन को सुरक्षित रखते हुए अत्यधिक सटीक योजना पर विशेष ध्यान दिया गया।
आधुनिक तकनीक बनी सफलता की कुंजी...

अस्पताल में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीकों ने इस सफलता में निर्णायक भूमिका निभाई। इनमें—न्यूरोनेविगेशन, इंट्रा-ऑपरेटिव अल्ट्रासाउंड, न्यूरोमॉनिटरिंग, हाई-डेफिनिशन एंडोस्कोपी, ब्रेन मैपिंग, एमआरआई ट्रैक्टोग्राफी, नवीनतम एमआरआई व सीटी इमेजिंग सिस्टम, CUSA और अत्याधुनिक माइक्रोस्कोप शामिल हैं। तकनीकों से सर्जरी के दौरान महत्वपूर्ण संरचनाओं को रियल-टाइम में देखा जा सका, जिससे जटिलताएँ कम और रिकवरी बेहतर रही।
टीमवर्क से मिली ऐतिहासिक सफलता...

डॉ. घनश्याम ससापरधी ने कहा-
“100 जटिल ट्यूमर सर्जरी की यह उपलब्धि पूरी टीम की सुरक्षा और सटीकता के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। रियल-टाइम इमेजिंग और न्यूरोमॉनिटरिंग ने बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए हैं। हमारी न्यूरोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी और आईसीयू टीम का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।”
व्यापक न्यूरोलॉजी सेवाओं का केंद्र...

एनएच एमएमआई रायपुर की न्यूरोसर्जिकल टीम ब्रेन और स्पाइन ट्यूमर के अलावा ब्रेन एन्यूरिज़्म, एवीएम, स्ट्रोक सर्जरी, एपिलेप्सी सर्जरी और मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी जैसी जटिल स्थितियों का भी सफल उपचार कर रही है।
मल्टी-डिसिप्लिनरी सहयोग बना आधार...

इस उपलब्धि में सहायक विभागों की भी अहम भूमिका रही। इनमें— क्लिनिकल लीड न्यूरोलॉजी डॉ. एच. पी. सिन्हा, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत कुमार, एनेस्थीसिया विभाग के एचओडी डॉ. राकेश चंद, और क्रिटिकल केयर विभाग के एचओडी डॉ. प्रदीप शर्मा शामिल हैं।
लक्षणों को न करें नजरअंदाज...

डॉक्टरों के अनुसार, लगातार सिरदर्द, अचानक दृष्टि में बदलाव, संतुलन बिगड़ना, दौरे या अंगों में सुन्नता जैसे लक्षणों को अक्सर सामान्य समस्या समझकर टाल दिया जाता है। समय पर जांच से इलाज और रिकवरी दोनों बेहतर हो सकते हैं।
जनजागरूकता पर जोर...

अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर श्री अजीत बेल्लमकोंडा ने कहा-
“बढ़ते मामलों को देखते हुए जनजागरूकता बेहद जरूरी है। हमारा उद्देश्य है कि मध्य भारत के लोगों को उनके घर के पास ही सुरक्षित और उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।”
न्यूरोसर्जिकल उत्कृष्टता की ओर मजबूत कदम...

यह उपलब्धि एनएच एमएमआई रायपुर को न्यूरोसर्जिकल एक्सीलेंस सेंटर के रूप में और सशक्त बनाती है। आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ टीम और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ अस्पताल लगातार जटिल न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में बेहतर परिणाम दे रहा है।
