ISSF वर्ल्ड कप शॉटगन 2026: मध्यप्रदेश की नीरू ढांडा ने जीता स्वर्ण, मनीषा ने टॉप-10 में बनाई जगह

भोपाल/लोनाटो (इटली)। इटली के लोनाटो में 3 से 13 जुलाई 2026 तक आयोजित प्रतिष्ठित ISSF वर्ल्ड कप शॉटगन में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की खिलाड़ी नीरू ढांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं अकादमी की दूसरी प्रतिभाशाली खिलाड़ी मनीषा ने बेहतरीन निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में 10वां स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के साथ-साथ मध्यप्रदेश का भी गौरव बढ़ा है।


विश्व स्तरीय मुकाबले में भारतीय निशानेबाजों का दमदार प्रदर्शन

विश्व की सर्वश्रेष्ठ महिला शूटरों के बीच आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में नीरू ढांडा ने पूरे मुकाबले के दौरान शानदार एकाग्रता, सटीक निशाने और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

वहीं मनीषा ने भी कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच शानदार प्रदर्शन कर टॉप-10 में जगह बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।


मध्यप्रदेश की खेल अकादमी ने फिर बढ़ाया प्रदेश का सम्मान

ISSF वर्ल्ड कप शॉटगन दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित शूटिंग प्रतियोगिताओं में से एक है, जिसमें कई देशों के शीर्ष निशानेबाज हिस्सा लेते हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की खेल अकादमियां विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार कर रही हैं।


खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने नीरू ढांडा को स्वर्ण पदक जीतने और मनीषा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश और भारत का गौरव बढ़ाया है। यह सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और प्रदेश की उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण व्यवस्था का परिणाम है।

सारंग ने विश्वास जताया कि दोनों खिलाड़ी भविष्य में भी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी।


सामूहिक प्रयास से मिली ऐतिहासिक सफलता

इस उपलब्धि का श्रेय खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव, शूटिंग शॉटगन अकादमी के प्रभारी, प्रशिक्षकों तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के समस्त सहयोगी स्टाफ को भी जाता है, जिनके मार्गदर्शन और प्रशिक्षण ने खिलाड़ियों को इस मुकाम तक पहुंचाया।

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