मध्यप्रदेश को रेल परियोजनाओं की बड़ी सौगात! 10,783 करोड़ की 3 मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं मंजूर, 56 लाख लोगों को मिलेगा लाभ

CM मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का जताया आभार, MP-CG के बीच मजबूत होगी रेल कनेक्टिविटी

भोपाल। मध्यप्रदेश के विकास और रेल कनेक्टिविटी के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की केंद्रीय मंत्रिमंडलीय समिति ने मध्यप्रदेश समेत 5 राज्यों के लिए 3 महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।

करीब 10,783 करोड़ रुपये की इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 656 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इससे करीब 4,790 गांवों और 56 लाख से अधिक लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

CM मोहन यादव ने जताया आभार

मध्यप्रदेश को मिली इस महत्वपूर्ण सौगात पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही यात्री सुविधाओं में सुधार के अलावा माल परिवहन की क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन को मंजूरी

मध्यप्रदेश से जुड़ी महत्वपूर्ण कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन निर्माण परियोजना को भी मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के पूरा होने से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच रेल संपर्क और अधिक मजबूत होगा।

इसके अलावा बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी रेल लाइन के निर्माण से भी दोनों राज्यों के बीच यात्री आवागमन और माल परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी।

56 लाख लोगों को होगा फायदा

इन रेल परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों को बेहतर यात्रा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। करीब 4,790 गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और 56 लाख से अधिक आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

रेल नेटवर्क के विस्तार से औद्योगिक क्षेत्रों, व्यापारिक गतिविधियों और माल परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश के विकास को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आधुनिक और मजबूत रेल नेटवर्क प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। नई मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं मध्यप्रदेश और आसपास के राज्यों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ ही विकास के नए अवसर भी तैयार करेंगी।

About The Author