Marco Rubio India Visit: भारत की रिफाइनिंग क्षमता के मुरीद हुए अमेरिकी विदेश मंत्री, ट्रेड डील पर जल्द लग सकती है मुहर
मुंबई। भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुंबई में मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। रुबियो ने भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि भारत वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
तेल रिफाइनिंग में भारत की क्षमता की तारीफ
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की रिफाइनिंग क्षमता को असाधारण बताते हुए कहा कि भारत भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने में विशेष दक्षता रखता है। उन्होंने संकेत दिया कि वेनेजुएला से तेल की उपलब्धता बढ़ने पर भारत वैश्विक ऊर्जा मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
रुबियो के अनुसार, भारत की वेनेजुएला में पहले से मौजूद तेल संबंधी हिस्सेदारी और रियायतें उत्पादन बढ़ाने में मददगार हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस प्रक्रिया में कुछ प्रतिबंध और अन्य बाधाएं हैं, जिन्हें आपसी बातचीत के जरिए सुलझाने की जरूरत होगी।
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी मजबूती
मार्को रुबियो ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अमेरिका का प्रमुख वाणिज्यिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि भारत के साथ रक्षा और रणनीतिक सहयोग को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
रुबियो ने क्वाड में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका का भी उल्लेख किया और दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को और बढ़ाने पर जोर दिया। ऊर्जा, रक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना दोनों देशों की साझेदारी के लिए अहम माना जा रहा है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द आ सकती है खुशखबरी
प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर रुबियो ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने बताया कि वह और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
रुबियो ने कहा कि समझौता अंतिम चरण के करीब है और कुछ तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप देना बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही समझौते को लेकर अच्छी खबर सामने आ सकती है और इस पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
हालांकि, समझौते पर हस्ताक्षर की कोई निश्चित तारीख उन्होंने नहीं बताई।
यूक्रेन युद्ध पर भी दिया बयान
मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ने यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया। उन्होंने उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन को पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों के हस्तांतरण पर रोक लगा दी है।
रुबियो ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन यूक्रेन से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर संवेदनशील है और अमेरिका पर यूक्रेन को नुकसान पहुंचाने के आरोपों पर निराशा जताई।
ऊर्जा, रक्षा और व्यापार पर टिकी निगाहें
मार्को रुबियो और एस. जयशंकर की मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भारत-अमेरिका संबंधों में ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और व्यापार समझौते को लेकर चर्चा महत्वपूर्ण बनी हुई है। ट्रेड डील पर रुबियो के सकारात्मक बयान से समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, इसकी अंतिम घोषणा और हस्ताक्षर की तारीख का इंतजार रहेगा।
