खेती से लेकर करियर तक: किसानों के लिए 10 हजार करोड़ और छात्रों के लिए ‘शिक्षा सहयोग योजना’
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आज राज्य का बजट प्रस्तुत किया जा रहा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी सदन में बजट भाषण दे रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने कृषि क्षेत्र, किसानों और शिक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
कृषि क्षेत्र के लिए सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूर योजना में 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे भूमिहीन श्रमिकों को आर्थिक सहायता मिल सके। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है, जो किसानों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए निशुल्क पंप योजना हेतु 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पाम ऑयल की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सरकार का लक्ष्य कृषि को लाभकारी बनाना और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
शिक्षा क्षेत्र में युवाओं की करियर काउंसलिंग के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नालंदा लाइब्रेरी को करियर और उद्यमिता मार्गदर्शन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार की तैयारी में युवाओं को समुचित सहयोग मिल सके।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता देने हेतु तीन योजनाओं में कुल 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना शुरू की जाएगी, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस योजना के तहत छात्रों के हॉस्टल खर्च का वहन सरकार करेगी।
कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए 75 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
