बीजेपी अध्यक्ष चुनाव में पहली बार आडवाणी और जोशी मतदाता सूची से बाहर



नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहा है, जब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में वरिष्ठ नेता और संस्थापक सदस्यों में शामिल लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा। बीजेपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है, जिसके तहत देशभर से कुल 5708 निर्वाचक इस प्रक्रिया में भाग लेंगे। आवश्यकता पड़ने पर 20 जनवरी को मतदान कराया जाएगा।

बीजेपी की परंपरा रही है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव आम सहमति से होता है। इसी परंपरा के तहत इस बार भी चुनाव को औपचारिक माना जा रहा है और नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, इस चुनाव से जुड़ा एक तथ्य राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से खास माना जा रहा है।

पार्टी की स्थापना वर्ष 1980 के बाद यह पहला अवसर है, जब लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन मंडल का हिस्सा नहीं हैं। इसे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में आए बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

बीजेपी के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले संगठनात्मक चुनावों की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। सबसे पहले बूथ स्तर पर अध्यक्ष चुने जाते हैं, इसके बाद मंडल, जिला और प्रदेश स्तर पर संगठन चुनाव संपन्न होते हैं। इन सभी चरणों के पूरा होने के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए निर्वाचन मंडल का गठन किया जाता है। इस निर्वाचन मंडल में राष्ट्रीय परिषद और प्रदेश परिषदों के सदस्य शामिल होते हैं।

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