बारामती में विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन, तीन अन्य की भी मौत, महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में थे शामिल

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बुधवार सुबह विमान दुर्घटना में मौत हो गई। इस हादसे में उनके साथ तीन अन्य लोगों की भी जान चली गई। अधिकारियों के अनुसार यह दुर्घटना पुणे जिले के बारामती क्षेत्र में उस समय हुई, जब विमान लैंडिंग की प्रक्रिया में था।

अजित पवार बीते एक दशक में महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल रहे। सहकारिता आंदोलन से राजनीति में कदम रखने वाले अजित पवार ने अपने दम पर राज्य की सत्ता में मजबूत पहचान बनाई। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक शरद पवार के भतीजे थे और लंबे समय तक पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते रहे।

अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को हुआ था। उन्होंने कम उम्र में ही राजनीति में प्रवेश किया और सहकारी संस्थाओं में अहम जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 1991 में वे पहली बार बारामती से सांसद चुने गए। इसके बाद 1995 में विधानसभा चुनाव जीतकर उन्होंने बारामती सीट को अपनी राजनीतिक मजबूत गढ़ बना लिया, जहां से वे सात बार विधायक चुने गए।

वर्ष 2010 में अजित पवार पहली बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने। इसके बाद विभिन्न सरकारों में उन्होंने यह पद कई बार संभाला। उनके पास वित्त, सिंचाई और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे, जिनके जरिए वे राज्य के बड़े प्रशासनिक फैसलों में अहम भूमिका निभाते रहे।

राजनीति की शुरुआत उन्होंने अपने चाचा शरद पवार के मार्गदर्शन में की थी। दोनों की जोड़ी लंबे समय तक राज्य की राजनीति में प्रभावशाली रही, लेकिन समय के साथ मतभेद बढ़े और अजित पवार ने अलग राजनीतिक राह चुनी। अपने तेज फैसलों और संगठन पर मजबूत पकड़ के लिए वे जाने जाते थे।

बारामती, जहां से उनका राजनीतिक सफर मजबूत हुआ, वहीं यह दुखद हादसा भी हुआ। उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।

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