Madku Dweep: CM साय ने स्वर्गीय शांताराम को दी श्रद्धांजलि, स्मृति उद्यान का किया लोकार्पण

मुंगेली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं आध्यात्मिक स्थल हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मदकूद्वीप की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले समाजसेवी स्वर्गीय शांताराम के वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय शांताराम की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के उद्देश्य से निर्मित स्मृति उद्यान का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह उद्यान उनकी स्मृतियों को संजोने के साथ आने वाली पीढ़ियों को उनके सेवाभाव, सामाजिक सरोकारों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति समर्पण से परिचित कराने का माध्यम बनेगा।

मदकूद्वीप की पहचान को व्यापक बनाने में रहा योगदान

मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय शांताराम के योगदान को याद करते हुए कहा कि मदकूद्वीप छत्तीसगढ़ की समृद्ध पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस धरोहर के संरक्षण और इसके महत्व को पुनः प्रतिष्ठित करने में स्वर्गीय शांताराम ने अपना जीवन समर्पित किया।

उन्होंने निःस्वार्थ भाव से क्षेत्र की सेवा की और मदकूद्वीप के ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व को व्यापक पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी क्षेत्र की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, परंपराओं, इतिहास और उन लोगों से बनती है, जो इन धरोहरों को सहेजने के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं। स्वर्गीय शांताराम ऐसे ही व्यक्तित्व थे।

सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय शांताराम की सेवा यात्रा केवल मदकूद्वीप तक सीमित नहीं रही। उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। बैतलपुर में शिव मंदिर निर्माण, चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और विभिन्न सामाजिक कार्यों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं नवागढ़ स्थित शमी गणेश मंदिर के पुनर्निर्माण में भी उन्होंने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लिए किए गए निःस्वार्थ कार्य ही किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी विरासत होते हैं। स्वर्गीय शांताराम ने अपने जीवन से सेवा, सामाजिक दायित्व और सांस्कृतिक चेतना का उदाहरण प्रस्तुत किया।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया कल्पवृक्ष

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत कल्पवृक्ष का पौधा लगाया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्ष प्रकृति और जीवन का आधार हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान मां के प्रति प्रेम और कृतज्ञता के भाव को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने की सुंदर पहल है।

उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक है, जब लगाए गए पौधों की देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सहेजा जाए।

प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मदकूद्वीप जैसे प्राकृतिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व वाले स्थलों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण के प्रयास साथ-साथ आगे बढ़ेंगे, तभी समृद्ध विरासत को उसके मूल स्वरूप में भावी पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शांताराम की स्मृति में निर्मित उद्यान उनके जीवन और सेवाभाव के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है। यह स्थान उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की स्मृतियों को जीवंत रखने के साथ लोगों को अपनी जड़ों और विरासत के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, मंत्री दयाल दास बघेल एवं लखन लाल देवांगन, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला एवं पुन्नू लाल मोहले सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

About The Author