वर्ल्ड लीडर्स फोरम में छत्तीसगढ़ का बड़ा विजन: युवा शक्ति, AI और निवेश से नई अर्थव्यवस्था की तैयारी

नई दिल्ली/रायपुर, 21 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स फोरम में छत्तीसगढ़ की बदलती आर्थिक तस्वीर और भविष्य के विकास का रोडमैप वैश्विक निवेशकों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि AI, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण के जरिए नई अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य निवेश को केवल पूंजी तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उसे रोजगार, उद्यमिता और युवाओं की आय बढ़ाने से जोड़ना है।

छत्तीसगढ़ के विकास की बड़ी तस्वीर

₹8 लाख करोड़+ — निवेश प्रस्ताव
6 लाख — विद्यार्थियों को AI प्रशिक्षण
5,000 — 2030 तक स्टार्टअप का लक्ष्य
₹500 करोड़ — राज्य AI मिशन
₹1,000 करोड़ — नवा रायपुर AI डेटा सेंटर पार्क
11.57% — 2025-26 की आर्थिक विकास दर

6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, 11.57% विकास दर

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार करीब ₹6.31 लाख करोड़ पहुंच गया है। राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत रही, जबकि प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,79,244 हो गई है।

वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.72 लाख करोड़ का बजट रखा गया है, जिसमें सड़क, रेल, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना के साथ सामाजिक कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है।


नई औद्योगिक नीति से मिले ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों को निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण बताया गया।

मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद प्रदेश को ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

अब निवेश की संभावनाएं केवल स्टील, सीमेंट और खनिज उद्योगों तक सीमित नहीं हैं। राज्य में:

  • 🔹 सेमीकंडक्टर
  • 🔹 इलेक्ट्रॉनिक्स
  • 🔹 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • 🔹 डेटा सेंटर
  • 🔹 फार्मास्यूटिकल
  • 🔹 टेक्सटाइल
  • 🔹 लॉजिस्टिक्स
  • 🔹 ग्रीन एनर्जी
  • 🔹 फूड प्रोसेसिंग

जैसे भविष्य के क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा केवल Job Seeker नहीं, बल्कि Job Creator बनें, यही सरकार की प्राथमिकता है।

प्रदेश में 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्यमियों को अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए ₹10 लाख तक की सीड फंड सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

इससे नवाचार, उद्यमिता और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।


6 लाख विद्यार्थियों को AI प्रशिक्षण, 1.5 लाख कर्मचारियों पर भी फोकस

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को छत्तीसगढ़ की भविष्य की अर्थव्यवस्था का अहम आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण देने की योजना है।

इसके अलावा नागरिकों को तेज और बेहतर सेवाएं देने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सरकारी सेवाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

₹500 करोड़ का AI मिशन

राज्य में ₹500 करोड़ के AI मिशन पर काम किया जा रहा है। इसके तहत:

100 AI डेटा लैब + 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस + 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहयोग

का लक्ष्य रखा गया है।

वहीं नवा रायपुर में करीब ₹1,000 करोड़ की लागत से AI डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है।


बस्तर में शांति के साथ विकास और निवेश के नए द्वार

मुख्यमंत्री ने बस्तर को छत्तीसगढ़ की नई आर्थिक कहानी का महत्वपूर्ण आधार बताया। सुरक्षा स्थिति में सुधार के बाद अब क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

बस्तर सहित प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ₹4,824 करोड़ की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की जा रही है।

वहीं बस्तर में 421 बंद स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है और 34 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है।

जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना

मुख्यमंत्री ने ₹3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना को बस्तर के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। इससे औद्योगिक एवं व्यापारिक कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।


पर्यटन और स्थानीय उत्पाद बनेंगे रोजगार का नया आधार

छत्तीसगढ़ के चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और सिरपुर जैसे पर्यटन स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद होटल, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय सेवाओं में निवेश तथा रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

सरकार लघु वनोपज, औषधीय पौधों, मिलेट और कृषि उत्पादों की स्थानीय प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को भी बढ़ावा दे रही है, ताकि प्रदेश केवल कच्चे माल का उत्पादक न रहे।


4 हजार MW अतिरिक्त सौर ऊर्जा का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक ऊर्जा के साथ ग्रीन एनर्जी की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

आने वाले वर्षों में करीब 4,000 मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। प्रदेश के 90 हजार से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं, जबकि भिलाई में राज्य का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया गया है।

ग्रीन एनर्जी से जहां ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, वहीं ग्रीन जॉब्स और नए निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे।


कच्चे माल से वैल्यू एडिशन की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़

राज्य सरकार का फोकस प्राकृतिक संसाधनों के केवल दोहन के बजाय प्रदेश में ही वैल्यू एडिशन करने पर है।

इसके लिए नवा रायपुर और राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी अधोसंरचना विकसित की जा रही है। राजनांदगांव में स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 142 एकड़ का फार्मा पार्क और टेक्सटाइल एवं रेडीमेड गारमेंट पार्क प्रस्तावित हैं।

वहीं कोरबा में लिथियम की खोज से बैटरी निर्माण, ऊर्जा भंडारण और न्यू एनर्जी सेक्टर में नई संभावनाएं खुली हैं।


Ease of Doing Business Act से निवेश प्रक्रिया होगी आसान

मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 लागू किया गया है।

इसके तहत कम जोखिम वाले उद्योगों के मामलों में निर्धारित समय पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है। आठ विभागों की 43 सेवाओं को इसके दायरे में शामिल किया गया है।

इससे प्रदेश के करीब 15 लाख MSME को लाभ मिलने की संभावना है।


संसाधन से नवाचार तक—नए छत्तीसगढ़ का निवेश मॉडल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वैश्विक निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ को ऐसे राज्य के रूप में प्रस्तुत किया, जहां प्राकृतिक संसाधन, ऊर्जा, भूमि, युवा मानव संसाधन, कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियां एक साथ मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की अगली विकास यात्रा संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से ज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था की ओर होगी।

सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—निवेश आए, उद्योग बढ़ें, युवा उद्यमी बनें और छत्तीसगढ़ में रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

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