रायपुर: 33 नए DSP अधिकारियों के प्रशिक्षण का शुभारंभ, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिया जनसेवा और संवेदनशील पुलिसिंग का संदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में वर्ष 2021 एवं 2024 की छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा से चयनित 33 उप पुलिस अधीक्षकों (DSP) के बुनियादी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) दीपांशु काबरा, अकादमी के महानिदेशक अजय यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोनिया उके सहित पुलिस अकादमी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, समाज के प्रति जिम्मेदारी : विजय शर्मा

प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि उप पुलिस अधीक्षक का पद केवल एक सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा, राष्ट्रसेवा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण दायित्व है।

उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे संवेदनशीलता, नैतिकता और निष्पक्षता के साथ जनता की सेवा करें।

“नैतिकता से बड़ा कोई बल नहीं होता। पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और विश्वास की प्रतीक है।”

जनता का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है। आज के दौर में साइबर अपराधों से निपटने की क्षमता, तकनीक का प्रभावी उपयोग और सामुदायिक जुड़ाव भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पुलिस की वास्तविक पहचान नागरिकों को सुरक्षा और न्याय दिलाने में है तथा जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस व्यवस्था की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

राष्ट्र सेवा का नया अध्याय शुरू

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने प्रशिक्षु अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने कठिन प्रतियोगी परीक्षा और अथक परिश्रम के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। अब उनका जीवन कानून के शासन को मजबूत करने और समाज की सेवा के महान उद्देश्य से जुड़ गया है।

उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी के रूप में ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा ही उनकी सबसे बड़ी पहचान होगी।

दो वर्षों तक मिलेगा व्यापक प्रशिक्षण

पुलिस अकादमी के महानिदेशक अजय यादव ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 33 प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षण में शामिल हुए हैं। इनमें से अधिकांश अभ्यर्थियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि इंजीनियरिंग की है।

उन्होंने बताया कि दो वर्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को कानून, अपराध अनुसंधान, साइबर क्राइम, नेतृत्व क्षमता, सामुदायिक पुलिसिंग, फील्ड ऑपरेशन और जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण सहित विभिन्न विषयों का गहन अध्ययन कराया जाएगा।

वृक्षारोपण के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के समापन के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अकादमी परिसर में नीम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और प्रशिक्षु DSP अधिकारियों ने मिलकर 100 पौधों का वृक्षारोपण भी किया।

नए प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रशिक्षण शुभारंभ के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस को भविष्य में और अधिक सक्षम, संवेदनशील एवं तकनीक-सक्षम नेतृत्व मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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