कैबिनेट की 7 बड़ी घोषणाएं: बिजली कंपनी IPO, किसानों को ₹15,000/एकड़ सहायता, 240 ई-बसें और योग अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में ऊर्जा, कृषि, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, योग प्रशासन, शहरी परिवहन, नवा रायपुर विकास और खनिज नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
कैबिनेट के मुख्य फैसले
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी को IPO के जरिए सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक मंजूरी।
खरीफ-2026 से वैकल्पिक फसलों के लिए ₹15,000 प्रति एकड़ आदान सहायता।
PDS के लिए चना खरीद जारी रखने का फैसला; NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म से खरीद की अनुमति।
योग विषय समाज कल्याण विभाग से हटकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन जाएगा।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा के लिए 240 ई-बसों का रास्ता साफ।
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के लिए स्टाम्प ड्यूटी छूट 31 मार्च 2028 तक बढ़ी।
खनिज नियमों में संशोधन: RFID टैग, वाहन ट्रैकिंग और तकनीक आधारित ग्रेड/मात्रा आकलन अनिवार्य।
ऊर्जा क्षेत्र: पावर ट्रांसमिशन कंपनी IPO की तैयारी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को IPO के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी। सरकार का कहना है कि इससे आम नागरिक और निवेशक कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बन सकेंगे तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता मजबूत होगी। आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए संचालक मंडल को अधिकृत किया गया है।
IPO से संभावित असर
निवेशकों की भागीदारी बढ़ने की संभावना।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस और डिस्क्लोजर मानकों पर अधिक जोर।
भविष्य की पूंजी जुटाने की क्षमता में सुधार।
कृषि: धान के विकल्पों पर बड़ा प्रोत्साहन
खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना का नया स्वरूप लागू होगा। धान की जगह अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों तथा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास उगाने वाले किसानों को ₹15,000 प्रति एकड़ आदान सहायता मिलेगी।
लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य फसल विविधीकरण, किसानों की आय में वृद्धि, धान पर अत्यधिक निर्भरता में कमी और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।
किसानों के लिए मुख्य बात
धान छोड़कर वैकल्पिक खरीफ फसलें लेने पर सहायता का प्रावधान।
डिजिटल रिकॉर्ड आधारित पात्रता और भुगतान।
दलहन-तिलहन और मोटे अनाज का रकबा बढ़ाने पर फोकस।
PDS: चना वितरण जारी रखने का फैसला
वित्तीय वर्ष 2026-27 में पात्र हितग्राहियों को चना वितरण निर्बाध रखने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म से अधिकतम 0.25% या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना खरीदने की अनुमति दी गई। अप्रैल-जून 2026 तक मौजूदा व्यवस्था की तीन माह की अवधि वृद्धि को भी मंजूरी मिली।
योग प्रशासन: अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन
कैबिनेट ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सरकार का तर्क है कि योग आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है और शिक्षा, प्रशिक्षण तथा अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय चिकित्सा शिक्षा/आयुष ढांचे के साथ संभव होगा।
शहरी परिवहन: 240 ई-बसों का रास्ता साफ
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भारत सरकार को भेजने की अनुमति दी गई। इससे रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
शहरी परिवहन पर असर
आधुनिक और कम-उत्सर्जन सार्वजनिक परिवहन।
शहरी प्रदूषण में कमी की संभावना।
सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क की क्षमता और विश्वसनीयता में सुधार।
नवा रायपुर: स्टाम्प ड्यूटी छूट बढ़ी
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर दी जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई। सरकार का कहना है कि इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और नियोजित शहरी विकास को गति मिलेगी।
खनिज नियमों में बदलाव: RFID और ट्रैकिंग अनिवार्य
छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। प्रमुख बदलाव:
प्रावधान
क्या बदला
वाहन निगरानी
खनिज परिवहन वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग प्रणाली अनिवार्य होगी।
ग्रेड/मात्रा आकलन
आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।
भंडारण शुल्क
भंडारण अनुज्ञापत्रधारियों से वसूले जाने वाले शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस
लाइसेंसधारकों को अतिरिक्त जमीन स्वीकृति और दो भंडारण लाइसेंसों के समामेलन के प्रावधान।
सरकार का दावा है कि इससे अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर नियंत्रण, पारदर्शिता और राजस्व संग्रह में सुधार होगा।
ध्यान देने योग्य बात
IPO, ई-बस DDM, खनिज नियम और योग विभागांतरण जैसे फैसलों के लिए आगे की वैधानिक, नियामकीय और प्रशासनिक प्रक्रियाएं अलग-अलग विभागों द्वारा पूरी की जाएंगी। जमीन पर असर समयसीमा, निविदाओं, अनुमतियों और क्रियान्वयन की गति पर निर्भर करेगा।
