छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव, मुख्यमंत्री साय ने अमित शाह से किया आग्रह

नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ को आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। बुधवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उन्होंने राज्य में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की स्थापना का आग्रह किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री को बताया कि नई दिल्ली और गोवा के पणजी में संचालित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान देश में आयुर्वेद आधारित चिकित्सा, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं। इन संस्थानों ने आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है तथा बड़ी संख्या में विशेषज्ञ आयुर्वेद चिकित्सक और शोधकर्ता तैयार किए हैं।

औषधीय संपदा से समृद्ध है छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों और समृद्ध जनजातीय पारंपरिक ज्ञान का धनी राज्य है। प्रदेश का बड़ा हिस्सा वनाच्छादित है, जहां अनेक महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियां प्राकृतिक रूप से उपलब्ध हैं। ऐसे में यहां AIIA की स्थापना आयुर्वेद चिकित्सा और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगी नई पहचान

साय ने कहा कि संस्थान की स्थापना से प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में अध्ययन, अध्यापन और शोध के अवसर प्राप्त होंगे। इससे आयुर्वेद आधारित चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान स्थापित कर सकेगा।

मध्य भारत को मिलेगा बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान का लाभ केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य भारत के व्यापक क्षेत्र को मिलेगा। पड़ोसी राज्यों के नागरिकों को भी बेहतर आयुर्वेदिक उपचार, शोध और प्रशिक्षण सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।

बजट घोषणा का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय बजट 2026 में देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की घोषणा का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि इनमें से एक संस्थान छत्तीसगढ़ को प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने के साथ-साथ रोजगार, अनुसंधान और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

विकास कार्यों पर भी हुई चर्चा

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्री को दी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

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