गोड़लवाही में बिरसा मुंडा जन्म शताब्दी कार्यक्रम: मुख्यमंत्री साय ने शहीद गैंदसिंह की मूर्ति अनावरण की, विकास कार्यों की घोषणा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव जिले के गोड़लवाही में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी महासभा द्वारा आयोजित बिरसा मुंडा 150वीं जन्म शताब्दी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय समाज साहस, बलिदान, आत्मसम्मान एवं प्रकृति-संगत जीवन दर्शन की प्रेरणादायी विरासत समेटे हुए है। इस विरासत से जड़ों पर गर्व, अन्याय के विरुद्ध संघर्ष एवं विकास की प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने शहीद शिरोमणि गैंदसिंह नायक की मूर्ति का अनावरण किया तथा श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं सांसद संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने 1.21 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हायर सेकेंडरी स्कूल भवन एवं 1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपये की लागत से बने 50 सीटर प्री-मैट्रिक छात्रावास भवन का लोकार्पण किया। गोड़लवाही से उमरवाही तथा उमरवाही से करमरी तक सड़क चौड़ीकरण, गोड़लवाही में नवीन महाविद्यालय स्थापना तथा स्कूल परिसर में बाउंड्रीवॉल एवं अटल समरसता भवन निर्माण की घोषणा की। इस अवसर पर स्वामित्व योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को अधिकार पत्र तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को गैस कनेक्शन वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद पर प्रहार किया जा रहा है। मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। नियद नेल्ला नार योजना से 400 से अधिक ग्राम विकास से जुड़ रहे हैं। राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित डिजिटल संग्रहालय का लोकार्पण किया गया, जिसमें 14 प्रमुख विद्रोहों का चित्रण है।

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज से होने का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य गठन एवं जनजातीय कल्याण मंत्रालय स्थापना की सराहना की। महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को मासिक सहायता, तेंदूपत्ता संग्रहण दर 5500 रुपये बोरा तथा श्री रामलला दर्शन योजना से 38 हजार बुजुर्गों को लाभ का जिक्र किया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने परलकोट से शुरू हुए स्वतंत्रता संग्राम एवं शहीद गैंदसिंह की सोच के अनुरूप आत्मनिर्भर जनजातीय समाज की स्थापना की बात कही। सांसद संतोष पाण्डेय ने जनजातीय समाज की स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका एवं बिरसा मुंडा, वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर सहित अन्य सेनानियों के बलिदान को याद किया।

कार्यक्रम को पूर्व मंत्री महेश गागड़ा एवं डॉ. देवेन्द्र माहला ने भी संबोधित किया। छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष सुरेश चन्द्रवंशी सहित पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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