बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जागी शिक्षा की अलख, स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं को फिर से शिक्षा से जोड़ने की पहल
जांजगीर-चांपा। बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जागरूकता अभियान चलाया गया। एकीकृत बाल विकास परियोजना बलौदा के सेक्टर खिसोरा-34 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में अभिभावकों और ग्रामीणों को बालिका शिक्षा के महत्व से अवगत कराया गया।
स्कूल चलो अभियान के तहत बेटियों को किया गया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत शाला त्यागी बालिकाओं को पुनः विद्यालय में प्रवेश लेने और नियमित रूप से पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया। परियोजना अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजें।
सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम में छात्रवृत्ति, निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, मध्याह्न भोजन योजना तथा शिक्षा से जुड़ी अन्य शासकीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही बालिकाओं को नियमित अध्ययन, विद्यालय में सतत उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व के बारे में समझाया गया।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पर्यवेक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, किशोरी बालिकाओं, उनके अभिभावकों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। सभी ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और हर बेटी को स्कूल तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
बालिका शिक्षा से बनेगा उज्ज्वल भविष्य
अधिकारियों ने कहा कि “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का अभियान है। इसका उद्देश्य हर बेटी को शिक्षा का अधिकार दिलाकर उसे आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।
